जब भी झापरा व कोकराल पुल से गुजरेंगे तो जोगी जी की याद आएगी… बीती बातों को याद कर लखमा दादी ने कहा छत्तीसगढ़ की राजनीति ने एक सितारा खो दिया…

सीजी इम्पेक्ट. सतीश चांडक।

जब अजीत जोगी प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और मैं कोंटा का विधायक उस समय जिला मुख्यालय को उड़िशा से जोड़ने वाली नदी पर निर्मित झापरा पुल का निर्माण किया गया था। उस पुल के उद्घाटन में मुख्यमंत्री अजीत जोगी आए थे। इस पुल उद्घाटन के बाद लौटते समय कोकराल पुल की मांग हेलीकाप्टर में पूरी की थी। यह तथ्य कोई नहीं जानता कि जोगी सुकमा प्रवास जब लौट रहे थे। तब हेलीकाप्टर से ही उसी नदी पर कोकराल पर पुल बनाने की मांग मैंने की थी। सीएम जोगी ने तत्काल हेलीकाप्टर में ही पुल को स्वीकृति प्रदान कर दी। उस समय नए प्रदेश में पैसों की कमी थी, लेकिन उनकी प्रदेश की जनता के लिए बहुत कुछ करने की इच्छाशक्ति थी। अजीत जोगी के साथ जुड़ी यादों को इम्पेक्ट से साझा करते हुए प्रदेश के केबिनेट मंत्री कवासी लखमा भावुक हो गए।

राजनीति में आने वाले समय में क्या होगा कोई नहीं जानता। पर जिन्होंने जोगी और कवासी लखमा की जुगलबंदी देखी थी वे तब मानने को तैयार नहीं थे कि लखमा दादी जोगी का साथ छोड़ देंगे। आज जब अजीत जोगी के निधन की सूचना कवासी लखमा को मिली तो वे बेहद भावुक हो गए।

कवासी लखमा ने कहा ‘आज छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन होने की जैसे ही खबर मिली तो मैं बहुत दुखी हो गया। वे राजनीति में मेरे गार्जियन रहे। लखमा ने कहा उनका निधन मेरे राजनैतिक व पारिवारिक क्षति है। जो अब इस जीवन में पूरी नहीं हो सकती। इस दुख की घड़ी में भगवान उनके परिवार को हिम्मत दे। उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

दादी ने कहा अजीत जोगी का जाना पूरे छत्तीसगढ़ की क्षति है। क्योंकि वो हमेशा से छत्तीसगढ़ की गरीब जनता व हर वर्ग के हित के बारे में सोचते थे। मैं भी हमेशा उनकी तुलना स्व. इंदिरा गांधी और आन्ध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाय शेखर रेड्डी से करता हूं। क्योंकि उस दौर में जब वे मुख्यमंत्री बने थे तो राज्य नया था, पैसों की कमी थी उसके बावजूद प्रदेश के विकास में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

सुकमा के विकास के लिए कभी मना नहीं किया

कवासी लखमा ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तब सुकमा के विकास के लिए कभी मना नहीं किया। आज शबरी नदी पर दो पुल बने हुए हैं वो उन्हीं की देन है। इसके अलावा सुकमा में फिल्टर प्लांट से लेकर अन्य कई विकास कार्य हुए जो हमेशा उनकी याद दिलाती रहेगी।

राजनैतिक जीवन में बड़े भाई की तरह दिखाया रास्ता

कवासी लखमा ने कहा ‘मैंने हमेशा से राजनैतिक जीवन में बड़े नेताओं से सीखने की कोशिश की है। मुझे अच्छे से याद है कि वे मुख्यमंत्री बने तब मुझे हमेशा से हर काम के लिए आगे करते थे। राजनैतिक सफर में आज में जो कुछ भी हूं उसमें अजीत जोगी की बड़ी भूमिका है। राजनैतिक सफर में एक बड़े भाई की तरह मुझे हमेशा से रास्ता दिखाया है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है जो इस जीवन में पूरी नहीं हो सकती।’

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