इम्पेक्ट न्यूज. रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल प्लेटफार्म से आम नागरिकों से सीधे जुड़ने की कवायद में जुटी है। इसके लिए उसने करीब—करीब हर विभाग को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिया है। आन लाइन शिक्षा से जुड़े स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल में पहले जो तकनीकी खामी रह गई थी उसे दूर करते हुए राज्य सरकार ने अब सीधे चिप्स को वेबसाइट डवलप करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
उल्लेखनीय है कि सीजी इम्पेक्ट ने सीजी स्कूल डॉट इन की वेबसाइट पर कई तकनीकी खामियों का खुलासा किया था। इस वेब साइट पर पहले एनआईसी से डवलप और होस्ट बताया गया था जिसे सुधारकर अब स्कूल शिक्षा विभाग कर दिया गया है। इस साईट पर स्कूल शिक्षा विभाग ने आन लाइन शिक्षा की व्यवस्था की है। जिसे लेकर राज्य सरकार बेहद उत्साहित है।
सरकार को भी यह लग रहा है कि राज्य के लोगों से जुड़े मसलों पर अब सीधे आन लाइन माध्यम से जोड़ा जाए इसके लिए नरवा गरवा घुरवा और बाड़ी की महती योजना के साथ लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण, मुख्यमंत्री सुपोषण योजना, हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री स्लम अस्पताल योजना और मुख्यमंत्री वार्ड कार्यलय योजना को लेकर आन लाइन पोर्टल विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि लोक सेवा गारंटी कानून के तहत प्रदेश में पहले से ही आन लाइन व्यवस्था है। इसमें आवेदन करने से लेकर आन लाइन इसकी प्रोग्रेस जांचने की भी व्यवस्था है। राज्य सरकार को लग रहा है कि इसमें कुछ कमियां हैं जिसे दूर कर आवेदकों के साथ आवेदन पर सीधी निगरानी रखी जा सके ताकि लोगों की समस्या सरल तरीके से निपटाई जा सके। इसे ध्यान में रखकर यह वेबसाइट पर काम करने की कोशिश है।
इस प्रक्रिया में सारी जिम्मेदारी चिप्स को दी गई है। इसकी मानिटरिंग करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सीजीहाट डॉट इन वेबपोर्टल का भी शुभारंभ किया था इसे भी प्राइवेट सर्वर पर बनाया गया है। पर अब सरकार ने चिप्स के माध्यम से विधिवत आनलाइन प्लेटफार्म विकसित करने का प्रयास किया है।