माओवादी हमलों को लेकर सभी की बेसुधगी ही हादसों का असल सबब…
सुरेश महापात्र। हर हादसे के बाद दुख का सैलाब और आरोपों की झड़ी के बीच भावी माओवादी हमलों को लेकर सभी की बेसुधगी ही हादसों का असल सबब है। आप मौतों के बाद मातम तो मना सकते हैं… कड़ी कार्रवाई और कड़ी निंदा जैसे शब्दों का प्रयोग तो कर सकते हैं पर ऐसे हमलों को स्थाई तौर पर रोकने का इंतजाम तभी कर सकते हैं जब सुरक्षा मानकों के पालन में कोताही कतई ना की जाए…! बीते 26 अप्रेल को माओवादियों के IED ब्लास्ट की जद में आने से अरनपुर
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