Mudda

EditorialMuddaState News

बस्तर : बस छह माह और…

दिवाकर मुक्तिबोध। अब मात्र छह महीने रह गए हैं. मार्च 2026 तक छत्तीसगढ में नक्सलवाद और नक्सली अतीत में गुम हो जाएंगे! केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह पिछले डेढ वर्ष में जितनी बार भी रायपुर आए, हर बार उन्होंने दोहराया कि नक्सलियों के खात्मे की डेड लाइन तय कर दी गई है – मार्च 26. इस समय सीमा के भीतर छत्तीसगढ में सक्रिय तमाम नक्सली व उनके नेता या तो मारे जाएंगे अथवा आत्मसमर्पण करने विवश हो जाएंगे. गृह मंत्री का यह संकल्प पूरा होता दिख रहा है. केन्द्रीय सुरक्षा

Read More
EditorialInternationalMuddaNational News

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा, वैश्विक चुनौतियां और आत्मनिर्भरता की राह…

सुरेश महापात्र आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। G20, BRICS और क्वाड जैसे मंचों पर भारत की सक्रियता और आर्थिक तरक्की इसे एक बड़ा खिलाड़ी बनाती है। लेकिन बड़ी ताकतें जैसे अमेरिका, चीन और रूस अक्सर भारत को दूसरी प्राथमिकता देती हैं। अमेरिका और चीन पहले पाकिस्तान को तवज्जो देते हैं, और रूस अब चीन की तरफ ज्यादा झुका है। ऐसे में भारत के सामने मौका भी है और चुनौती भी। पहले अमेरिका ने आतंकवाद और अफगानिस्तान की वजह से पाकिस्तान को अहमियत दी। हाल

Read More
D-Bastar DivisionEditorialMudda

ऑपरेशन कगार : शांति वार्ता क्यों न हो?

– दिवाकर मुक्तिबोध। तेलंगाना में नक्सलियों ने आगामी छह माह के लिए संघर्ष विराम की घोषणा की है. क्या ऐसी कोई घोषणा माओवादी छत्तीसगढ में भी करेंगे जो भीषण रूप से नक्सल प्रभावित है ? शायद यह तब तक संभव नहीं है जब तक कि सरकार सुलह वार्ता का संकेत न दें. छत्तीसगढ के गृह मंत्री विजय शर्मा पहले ही नक्सलियों की शांति वार्ता की पेशकश को ठुकरा चुके है. दरअसल 25 अप्रैल को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( माओवादी ) के उत्तर पश्चिम सब ज़ोनल ब्यूरो ने अपनी ओर

Read More
EditorialMudda

माफ कीजिएगा…

सुरेश महापात्र। आज सुबह से ही मैं मीडिया के संपर्क से बाहर रहा। यदि रहा भी तो अपने हिस्से के पन्ने पर… रात 12 बजे बाद जब टहलने निकला मीडिया के भीतर तो सबसे पहले Rashmi Drolia की पोस्ट पर नज़र पड़ी… पूरा समझ नहीं पाया… कि क्या हुआ? कहाँ और कैसे? पहले लगा कि किसी एक को आतंकवादी ने गोली मार दी है। फिर चिंता बढ़ी तो बेचैनी को शांत करने के लिए मेन स्ट्रीम मीडिया में निकल गया। Read moreदो बड़े घटनाक्रम और उनका जिक्र जरूरी तो है…दैनिक

Read More
Articles By NameEditorialMudda

शांति वार्ता की पेशकश : बस्तर के नक्सली इतिहास में जब-जब दबाव बढ़ा तब-तब वार्ता की पहल हुई पर नतीजा सिफर रहा…

गणेश मिश्रा। प्रदेश ही नही बल्कि देश भर में शांति वार्ता को लेकर अब तक नक्सलियों की ओर से करीब 4 बार पर्चे के माध्यम से प्रस्ताव आ चुका है और उससे भी बड़ी बात की नक्सलियों के इन चारों प्रस्तावों का प्रदेश के गृहमंत्री व उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हर बार जवाब दे चुके हैं इस बार तो अंतिम प्रस्ताव पर गृहमंत्री ने यहां तक कह दिया कि नक्सली अपनी ओर से जब तक किसी को अपना प्रस्तावक बनाकर नही भेजते तब तक वार्ता कैसे सम्भव है? उन्होंने कहा

Read More
Breaking NewsEditorialMudda

सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद मजबूत होंगे भूपेश…

विशेष टिप्पणी। सुरेश महापात्र। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री रहे भूपेश बघेल पर चुनाव से ठीक पहले सेक्स सीडी कांड का दाग लगा था जो अब धुल गया है। कांग्रेस के खेमे में यदि देखें तो चरणदास महंत और भूपेश बघेल ही ऐसे दो नेता है जब वे बोलते हैं तो अब भी लगता है सदन में कांग्रेस की मौ​जूदगी है। सेक्स सीडी मामले में नाम आने के बाद भले ही भूपेश अंदर से मजबूत थे पर बाहर से राजनीतिक तौर पर कमजोर पड़ रहे थे। अब

Read More
MuddaState News

तो क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बस्तर में धर्मांतरण के बाद मृत्यु पश्चात अंतिम संस्कार का मसला शांत हो जाएगा? सवाल तो बहुत हैं पर…

सुरेश महापात्र। बस्तर में 20 दिन से मॉर्चुरी में रखे पादरी के शव को गांव से 20 किलोमीटर दूर ईसाई कब्रिस्तान में दफनाना होगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 2 जजों की अलग-अलग राय के बाद सुनाया है। दरअसल, मृतक पादरी के बेटे उन्हें गांव में ही दफनाना चाहते थे लेकिन गांव में इसे लेकर विवाद की स्थिति बन गई। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद क्या बस्तर समेत उन क्षेत्रों में जहां धर्मांतरण को लेकर विवाद समाप्त हो जाएगा? यह बड़ा सवाल है! बस्तर में लगातार शव दफनाने

Read More
Breaking NewsD-Bastar DivisionEditorialMuddaNaxal

बस्तर में नक्सलवाद को अब तीन हिस्सों में याद रखा जाएगा…  जब केंद्रीय गृहमंत्री पुवर्ती में रात बिताकर ऐलान करेंगे कि हमने जो कहा था कर दिखाया…

सुरेश महापात्र।  यदि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की भविष्यवाणी सही साबित होती है तो बस्तर मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त हो जाएगा। इस राह में फिलहाल लग रहा है कि मंजिल हासिल होने से हम कुछ ही दूरी पर खड़े हैं। चार दशक पुराने माओवाद प्रभावित लाल आतंक के इस कोर क्षेत्र में मुक्ति संघर्ष की राह इतनी आसान भी नहीं है जितना राजधानी में बैठकर लगता है। बस्तर में इसी के साथ माओवादियों के इतिहास को तीन हिस्सों में जाना जा सकेगा। पहला जब वे अपना इलाका मजबूत करते रहे।

Read More
Breaking NewsMudda

सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियों से बचना ज़रूरी: डॉ पुरी

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान द्वारा सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रशिक्षण हैदराबाद। बिकास के शर्मा। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सोशल मीडिया पर आधारित प्रशिक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को कम्यूनिकेशन कंसलटेंट डॉ सोनम महाजन पुरी ने सोशल मीडिया मार्केटिंग के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। देशभर से भाग ले रहे तीस प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज के डिजिटल युग का आधार है और दुनियाभर की जानकारी हमें सोशल मीडिया से ही हमें पारंपरिक

Read More
EditorialMuddaState News

मुद्दा : तिरूपति लड्डू मामले में जो हो रहा है वह दूषित प्रसाद खाने से भी ज्यादा घिनौना…

सुरेश महापात्र। राजनीति में एक स्थापित सत्य है कि यह दो शब्दों का मिलन है जिसमें ‘राज’ और ‘नीति’ शामिल हैं। बीते कुछ समय से राजनीति की विद्रुपता चरम पर है। ‘राज’ अपनी ‘नीति’ स्थापित करने के लिए जिस तरह से घिनौना होता जा रहा है उससे हर तथ्य पर अब संदेह होने लगा है। ऐसा ही संदेह विश्वप्रसिद्ध तिरूपति बालाजी मंदिर के प्रसादम को लेकर उत्पन्न कर दिया गया है। जिन लोगों ने बीते कुछ बरसों में प्रसिद्ध ​तीर्थ स्थल में पूजा अर्चना की और वहां का भोग प्रसाद

Read More
Mudda

उन्मादित भीड़ या आल्हादित जनता? शपथ ग्रहण समारोह का हाल ए बयां…

सुरेश महापात्र। “उन्मादित भीड़ या आल्हादित जनता” यह तय कर पाना निहायत कठिन सा हो गया था आज! जब हम सभी शपथ ग्रहण कार्यक्रम का हिस्सा रहे। नेता या पार्टी की जीत से बड़ी विचारधारा की जीत या हार होती है। Read moreदो बड़े घटनाक्रम और उनका जिक्र जरूरी तो है…लोकतंत्र में विचारधारा ही मूल मंत्र है। हम यह मानते और जानते रहे हैं कि राजनीतिक दलों की अपनी एक विचारधारा होती है। मैंने बीते कुछ अरसे में यह जानने में सफलता पाई है कि “कांग्रेस” और “कांग्रेसी” सही मायने

Read More
Mudda

राजनीति के ‘अक्षुणमणि’ हैं हत्या दोषी ‘अमरमणि त्रिपाठी’ जिनकी रिहाई की अमर कहानी जानना जरूरी है… यह हिंदुस्तान की अमर राजनीति का गंध है…!

सुरेश महापात्र। हमारा समाज वास्तव में किन मूल्यों पर विश्वास कर रहा है और किन राजनीतिक मूल्यों के आधार पर राजनीतिक दलों का समर्थन यह तय करना कठिन है। हम बेहद निर्मम समझ वाले लोकतंत्र के सिपाही है हमें पता है हमारे वोट से चुना जाने वाला प्रत्याशी कानून का निर्माता हो जाता है। चाहे बाहुबलि हों, गैंगस्टर हों या दलाल उद्योगपति सभी राजनीति के असल लाभान्वित हैं। यही हिंदुस्तान की राजनीति का असल गंध है जिसके पैरोकारों में प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर मौन ही असल राजनीति है। जात—पात

Read More
Articles By NameMuddaState News

बदल रही है छत्तीसगढ़ की राजनीति

दिवाकर मुक्तिबोध। छत्तीसगढ़ की राजनीति में पिछले कुछ समय से जो घटनाक्रम चल रहा है, वह इस बात का संकेत है कि प्रदेश की दो बड़ी राजनीतिक ताकतें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जोरदार युद्धाभ्यास कर रही हैं। उनकी तैयारियां बताती हैं कि तीन महीने बाद होने वाला पांचवां चुनाव यकीनन पिछले चार के मुकाबले अधिक संघर्षपूर्ण और दिलचस्प होगा।  2018 के चुनाव में कांग्रेस ने भारी भरकम विजय पायी थी। उसे अगले चुनाव में भी बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती है जिसका दबाव उस पर है। 90 सीटों की

Read More
Articles By NameMuddaState News

पीएम मोदी से पहले गृहमंत्री अमित शाह का रायपुर दौरा क्यों?

डा. अवधेश मिश्रा। रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, गौरीशंकर अग्रवाल, प्रेम प्रकाश पाण्डेय, सरोज पाण्डेय, अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर, विजय बघेल, केदार कश्यप, विक्रम उसेंडी, नारायण चंदेल, विष्णुदेव साय, विजय शर्मा, संतोष पाण्डेय, भईयालाल राजवाड़े, रेणुका सिंह…इनके अलावा और भी कुछ नाम हैं जो संभवतः छूट रहे हैं, मसला यह हैं कि यहां मौजूद नाम सिर्फ नाम है हां इन नामों की संख्या भाजपा के मौजूदा विधायकों की संख्या से कहीं ज्यादा है… खैर हम बात कर रहे हैं #पीएममोदी के दौरे से ठीक पहले केंद्रीय गृहमंत्री

Read More
EditorialMuddaState News

दक्षिण में #कांग्रेस का अढ़ई साल का फार्मुला कहीं कांग्रेस को फुस्स ना कर दे… तीन राज्यों में फार्मुले का हश्र देखकर तो सीखा जा सकता है…

सुरेश महापात्र। पूरे देश में मोदी लहर का दौर है। शहरी आबादी में मोदी की ख्याति का कोई तोड़ अब तक विपक्ष ढूंढ नहीं पाई है। 2023 में पांच राज्यों के चुनाव के बाद 2024 में लोकसभा चुनाव तय है। ऐसे समय में पहले हिमांचल फिर कर्नाटक में कांग्रेस की भारी जीत से कांग्रेस के लिए संजीवनी बूटी सरीका परिणाम माना जा सकता है। कर्नाटक में कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा को बुरी तरह पराजित किया है। यह परिणाम इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है कि कांग्रेस पर लगाए जा रहे राजनैतिक

Read More
error: Content is protected !!