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बड़ी खबर : हसदेव अरण्य का तारा कोयला ब्लॉक वाणिज्यिक खनन नीलामी प्रक्रिया से बाहर हो गया

रितेश मिश्रा। हिंदुस्तान टाइम्स। रायपुर। केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार की आपत्ति के बाद तारा कोयला ब्लॉक को वाणिज्यिक खनन नीलामी प्रक्रिया से वापस ले लिया है, जिसका वन क्षेत्र राज्य के हसदेव अरण्य में 81% है। तारा कोयला ब्लॉक हसदेव अरण्य वन क्षेत्र (सूरजपुर जिला) में है और कोयला खदान में 15.96 वर्ग किमी का बहुत घना जंगल (वीडीएफ) क्षेत्र मौजूद है। केंद्रीय कोयला मंत्रालय द्वारा 28 जुलाई को नीलामी से हटने का नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में कहा गया है “कोयला मंत्रालय ने 29 मार्च,

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छत्तीसगढ़ ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, हसदेव में किसी नए खनन भंडार की आवश्यकता नहीं है…

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कहा कि हसदेव अरण्य में खनन के लिए किसी भी नए खनन आरक्षित क्षेत्र को आवंटित करने या उपयोग करने की कोई आवश्यकता नहीं है और मौजूदा परसा पूर्व और केंटे बसन (पीईकेबी) खदान में कोयला भंडार है। 350 मिलियन टन, जो लगभग 20 वर्षों तक 4340 मेगावाट के जुड़े बिजली संयंत्रों की संपूर्ण कोयले की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। सुप्रीम कोर्ट में सुदीप श्रीवास्तव द्वारा दायर याचिका में उत्तरदाताओं में से एक, अतिरिक्त प्रधान

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बिलकिस बानो के केस में सुप्रीम कोर्ट की दो टूक… दोषियों को रिहा करके आप क्या संदेश दे रहे हैं?

इम्पेक्ट न्यूज। डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बिलकिस बानो की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने गुजरात सरकार पर अपने मामले के दोषियों को समय से पहले रिहा करने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपनी याचिका में 11 दोषियों को रिहा किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की बेंच ने सुनवाई के दौरान सरकार से दोषियों की रिहाई का कारण पूछा। कोर्ट ने कहा- आज यह बिलकिस के साथ हुआ, कल किसी के साथ भी हो सकता

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सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने केंद्र सरकार द्वारा छह साल पहले रुपये के नोटों को बंद करने के फैसले को 4:1 के बहुमत से बरकरार रखा… फ़ैसले को समझें… जस्टिस नागरत्ना ने किन बिंदुओं से तय किया कि विमुद्रीकरण की प्रक्रिया ग़ैरक़ानूनी है…

इम्पेक्ट न्यूज़ डेस्क। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने 4-1 के बहुमत ने माना कि, केंद्र सरकार की 8 नवंबर, 2016 की नोटबंदी की अधिसूचना वैध है और आनुपातिकता की कसौटी पर खरी उतरती है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने अपने असहमतिपूर्ण विचार में कहा कि “हालांकि विमुद्रीकरण सुविचारित था, इसे कानूनी आधार पर (न कि उद्देश्यों के आधार पर) गैरकानूनी घोषित किया जाना चाहिए।” जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर, बीआर गवई, एएस बोपन्ना, वी रामासुब्रमण्यन और बीवी नागरत्ना वाले 5 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने, 7 दिसंबर, 2022 को, नोटबंदी की

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हसदेव के नोगो एरिया में खनन मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, छत्तीसगढ़ सरकार और अड़ानी कंपनी से जवाब माँगा… 4 सप्ताह का समय दिया…

इम्पेक्ट न्यूज़। रायपुर। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के खिलाफ हसदेव जंगल में दी जा रही खनन अनुमतियों पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस हसदेव अरण्य नोगो एरिया हैं चार सप्ताह में देना होगा जवाब केन्द्र सरकार, छत्तीसगढ़ राजस्थान और अडानी कंपनी को नोटिस आज सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव के आवेदन पर केन्द्र सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार, राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम और अडानी की स्वामीत्व वाली परसा केते कॉलरीज लिमिटेड. को नोटिस जारी किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रंशांत भूषण ने आज जस्टिस चन्द्रचूर्ण जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस नरसिम्हा को बताये

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