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बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर ‘घेराव-उन्मूलन सेनिक अभियान’ के खिलाफ माओवादियों की चेतावनी, शांति वार्ता की मांग

बीजापुर, 25 अप्रैल 2025:

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो ने बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर चल रहे ‘नक्सल-उन्मूलन अभियान’ को तुरंत रोकने की मांग की है। पार्टी के प्रवक्ता रूपेश ने प्रेस वक्तव्य जारी कर सरकार से शांति वार्ता शुरू करने का आह्वान किया है।

पार्टी ने कहा कि वह हमेशा से शांति वार्ता के लिए तैयार रही है और समस्याओं का समाधान बातचीत से करना चाहती है। वक्तव्य में कहा गया, “हमारी पार्टी के केंद्रीय कमेटी ने बार-बार शांति वार्ता की इच्छा जाहिर की है, लेकिन सरकार हिंसा और सैन्य अभियानों के जरिए समस्याओं को दबाने की कोशिश कर रही है।” माओवादियों ने बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर चल रहे अभियान को रोकने और बातचीत के लिए अनुकूल माहौल बनाने की मांग की है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच तनाव बढ़ा है।वर्तमान स्थिति के अनुसार, बीजापुर के कर्रेगुट्टा जंगल में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में पाँच नक्सली मारे गए हैं। यह अभियान 22 अप्रैल से चल रहा है और इसे नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है।

माओवादी पार्टी ने सरकार पर हिंसक दमन का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के अभियान समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते। पार्टी ने सरकार से अनुरोध किया कि वह सकारात्मक रवैया अपनाए और शांति वार्ता के लिए आगे आए। वक्तव्य में यह भी उम्मीद जताई गई कि सरकार उनकी अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देगी।

क्षेत्र में तनाव और मुठभेड़ की घटनाओं के बीच माओवादियों की यह मांग शांति की दिशा में एक कदम हो सकती है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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