Google Analytics Meta Pixel

editorial

Breaking NewsEditorialPolitics

तो क्या छत्तीसगढ़ में भाजपा ने अपनी रणनीति का ऐलान कर दिया है… आदिवासी नहीं अब ओबीसी वोटबैंक लक्ष्य…

सुरेश महापात्र। त्वरित टिप्पणी। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने विश्व आदिवासी दिवस के दिन अपने संगठन का सबसे बड़ा बदलाव कर दिया है। अब प्रदेश में संगठन की कमान आदिवासी के स्थान पर पिछड़ा वर्ग के हाथ सौंप दी गई है। विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में भाजपा के संगठन प्रमुख की भूमिका में थे। उनकी जगह पर बिलासपुर से सांसद अरूण साव को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। विष्णु देव साय भले ही आदिवासी वर्ग से आते हैं पर संगठन की भाषा में वे पूर्व मुख्यमंत्री डा.

Read More
Editorial

पत्रकार, नक्सली और पुलिस… बस्तर में विवाद

सुरेश महापात्र। बस्तर में इन दिनों पत्रकारिता को लेकर माओवादी चुनौती की बड़ी चर्चा है। पत्रकार और समाजसेवी के नाम माओवादियों की सब डिविजन कमेटी का पर्चा मिलने के बाद पत्रकार आक्रोशित हैं। दक्षिण—पश्चिम बस्तर के माओवादी गढ़ गंगालूर और बुरगुम में पत्रकारों ने धरना दिया और माओवादियों के पत्र के खिलाफ आवाज बुलंद की। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब बस्तर में पत्रकार माओवादियों के निशाने पर आए हों। पहले भी ऐसा हो चुका है। दो पत्रकारों की माओवादियों ने पूर्व में हत्या भी कर दी है। जिसमे

Read More
Editorial

बिहार में भाजपा के लिए शंखनाद और कांग्रेस के लिए संदेश…

विशेष टिप्पणी / सुरेश महापात्र। बिहार में तमाम अटकलों के बाद मंगलवार की देररात परिणाम घोषित हो गए। इस बार बिहार में कांग्रेस परास्त हुई है। भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय दल होने का दम स्थापित कर दिया है। क्षेत्रीय राजनीतिक दल के तौर पर बिहार में राष्ट्रीय जनता दल ने अपने लिए युवा चेहरा तलाश लिया है। वामपंथी दलों के लिए बिहार से नवजीवन का संदेश आया है। इस चुनाव में सबसे बड़ी हार कांग्रेस की हुई है। यह निश्चित तौर पर कांग्रेस के लिए विचारणीय होना ही चाहिए।

Read More
EditorialState News

किसी भी अपराध के बाद सच्चाई को स्वीकारने से डरती क्यों है सरकार?

सुरेश महापात्र। मौजूदा वक्त में पूरे देश में विभिन्न राज्यों में अलग—अलग किस्म के अपराध को लेकर विवाद की स्थिति है। सभी राज्यों में सत्ता और विपक्ष अपराध के बाद हालात पर आमने—सामने खड़े हैं। मीडिया भी बंटा हुआ है। खबरों की हैडिंग और प्रस्तुतिकरण में साफ तौर पर राज्य सत्ता के हिसाब से खबरें प्रस्तुत की जा रही हैं। यही वह वजह है जिसने सबसे ज्यादा संदेह खड़ा किया है। दरअसल हमे राज्य की व्यवस्था और विवशता के बीच पुलिस की व्यवस्था को देखना होगा। संविधान में पुलिस की

Read More
Articles By NameEditorial

बापू के सत्ता केंद्र आज कहां हैं?

गांधी जयंती पर विशेष सुदीप ठाकुर। मार्च के दूसरे हफ्ते में कोविड-19 महामारी के शुरुआती मामले आते ही प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक ‘जनता कर्फ्यू’ का एलान किया था और उसके दो दिन-तीन बाद पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। इससे देशभर की सड़कों पर जो दृश्य नजर आया था, उसे विभाजन के बाद की दूसरी बड़ी त्रासदी के रूप में दर्ज किया गया। बड़े शहरों और महानगरों से लाखों प्रवासी मजदूर जो भी साधन मिला उससे या पैदल ही अपने गांव-घर की ओर चल पड़े थे। विभाजन

Read More