हाईकोर्ट ने धारा 164 के तहत दूसरी बार बयान दर्ज करवाए जाने आरोपी पक्ष की गई मांग को गलत ठहराया
जबलपुर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नाबालिग पीड़िता के दोबारा बयान दर्ज कराने की मांग पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है. हाईकोर्ट ने धारा 164 के तहत न्यायालय में दूसरी बार बयान दर्ज करवाए जाने आरोपी पक्ष द्वारा की गई मांग को गलत ठहराया है. जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा है कि पहले बयान को नकारने और विफल करने के लिए धारा 164 के तहत दोबारा बयान दर्ज नहीं होना चाहिए. चाहे पहला बयान आरोपी के पक्ष में हो
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