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EXCLUSIV : बस्तर के ‘रबाडा’ रूद्र प्रताप देहारी भारतीय क्रिकेट से एक कदम दूर…

इम्पेक्ट न्यूज। जगदलपुर।

पंजाब की आईपीएल टीम के स्टार खिलाड़ी छत्तीसगढ़ से खेल रहे शशांक सिंह की कप्तानी में बस्तर के बीहड़ अतिनक्सल प्रभावित इलाके से निकला एक युवा रूद्र प्रताप देहारी भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होने से कुछ ही कदम की दूरी पर है। बीते चार माह से अपने घर वापस लौटे बगैर रूद्र अपनी बालिंग से लोगों को लुभा रहा है। बस्तर संभाग के पहला प्लेयर है 4 अक्टूबर से होने वाले वीनू मांकड़ ट्रॉफी हैदराबाद में भाग लेगा।

वीनू मांकड़ ट्राफी के लिए रूद्र के चयन की जानकारी बस्तर में क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर संचालित कर रहे प्रदीप गुहा ने अपने फेसबुक वाल पर दी। गुहा बताते हैं कि कटेकल्याण का यह खिलाड़ी जिसने छत्तीसगढ़ अंडर 19 स्टेट क्रिकेट टीम में जगह बनाई रुद्र प्रताप देहारी ऐसे तेज गेंदबाज हैं जो लगातार 128 की गति से गेंदबाजी करते हैं। माँ दन्तेश्वरी का आशीर्वाद रहा तो निश्चित ही भारतीय अंडर 19 की में जगह बनाने में सफल होगा।

गुहा ने इम्पेक्ट से चर्चा में बताया कि रूद्र को उनकी टीम के लोग रबाड़ा के नाम से पुकारते हैं। बस्तर की जमीन से रबाड़ा जैसे तेज गेंदबाज का आगमन बस्तर के क्रिकेट के भविष्य के लिए शानदार है। रूद्र ने अमनदीप को दो बार बोल्ड किया है और एक बार यार्कर से इस तरह से बोल्ड किया कि दर्शक देखते रह गए। छत्तीसगढ़ के कप्तान शशांक सिंह की नजर रूद्र पर टिकी हुई है। वे उसे लगातार सभी मैच में खिला रहे हैं। वीनू मांकड़ ट्राफी के लिए चयनित 16 सदस्यीय टीम में रूद्र को शामिल किया गया है। इससे ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने का अवसर भी मिलेगा। जितना खेलेंगे उतना ही निखरेंगे बस्तर के रूद्र ऐसा मानना है प्रदीप गुहा।

ये देखिए रूद्र की बालिंग

दरअसल रूद्र बीते दो बरस से प्रदीप गुहा के क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर में ही प्रशिक्षित हो रहे हैं। उनकी बॉलिंग की स्पीड लगातार 128 ​किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार को देखते हुए उन पर और भी ज्यादा ध्यान देना शुरू किया गया। गुहा बताते हैं कि बॉलिंग की स्टाइल और गति देखने के बाद ही उन्हे ‘रबाडा’ के नाम से पुकारा जाने लगा। रूद्र की उम्र महज 17 वर्ष की है। खेल देखते हुए एक शानदार भविष्य का अनुमान लगाया जा सकता है। दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण क्षेत्र से रूद्र का क्रिकेट सफर प्रारंभ हुआ है। यह देखना रोचक होगा कि वे बस्तर का नाम कहां तक रौशन करते हैं।

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