Friday, January 23, 2026
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गढ़चिरौली में लौह अयस्क की खदानों को लेकर ग्रामीण पुलिस आमने सामने… 250 दिनों से चल रहा प्रदर्शन… ग्रामीणों का आरोप पुलिस ने लाठीचार्ज किया… देंखे फोटो-वीडियो…

इम्पैक्ट डेस्क.

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में सोमवार को थाने जा रहे सुरक्षाकर्मियों का कथित रूप से रास्ता रोकने को लेकर खनन विरोधी आंदोलन के आठ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। असल में, गढ़चिरौली के सूरजगढ़ में आदिवासी बहुल 70 से अधिक गांवों के लोग प्रस्तावित छह लौह अयस्क खदानों के खिलाफ 250 से अधिक दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे।

ग्रामीणों का कहना है कि उन पर बेवजह लाठीचार्ज किया गया उसके बाद दो ट्रकों में भरकर गांववालों को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। जिनका अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इसके विरोध में दोबारा 70 गांवों के आदिवासी एकजुट हुए हैं और पुलिस द्वारा जबरन उठाये गए आदिवासियों की रिहाई की मांग की गई है। आदिवासियों ने कहा कि खदान और पुलिस कैंप खोलने के लिए उनपर दबाव बनाया गया। जब गांववालों ने इसका विरोध किया तब सत्ता ने दमन शुरू कर दिया। सोमवार को बड़ी संख्या में पुलिस बलों ने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों पर लाठीचार्ज किया। उसके बाद 8 आदिवासी कार्यकर्ताओं को नक्सलियों का सहयोगी बताकर हिरासत में ले लिया। गांववालों ने पुलिस के बयान को झूठा बताया है। जबकि पुलिस के दावे गांववालों के बयान से उलट हैं। पुलिस ग्रामीणों पर आरोप लगा रही है कि ये लोग माओवादियों के दबाव में खदान खोलने और पुलिस थाने का विरोध कर रहें हैं।

गढ़चिरौली पुलिस ने एक बयान में कहा कि यहां एटापल्ली तालुका में महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर वांगेतुरी में सोमवार को एक थाने के उद्घाटन का प्रस्ताव था। बयान में कहा गया है कि जब पुलिस दल महाराष्ट्र के विशेष माओवादी विरोधी कमांडो बल सी-60 की टीम के साथ वांगेतुरी जा रहा था तब तोडगट्टा में प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोका। करीब 10-15 प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की।

पुलिस के बयान के मुताबिक, पुलिस ने उनमें से आठ लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इस दौरान कोई बल प्रयोग नहीं किया। गढ़चिरौली पुलिस ने दावा किया कि कुछ स्थानीय लोगों ने उनसे शिकायत की कि माओवादियों ने उन्हें धरने पर बैठने के लिए मजबूर किया।

पुलिस ने लोगों से माओवादियों के प्रभाव में नहीं आने और कानून व्यवस्था को अपने हाथों में नहीं लेने की बात कही है। बयान में कहा गया है कि उस क्षेत्र में माओवादियों की समस्या के खात्मे और यह सुनिश्चित करने के लिए के लिए थाना खोला जा रहा है कि लोग निडर होकर रहें।

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