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मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत लाभान्वित करने हेतु दिशा-निर्देश जारी

 

ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं सहित दिव्यांगजनों को मिलेगा तीर्थ यात्रा का अवसर

जगदलपुर

राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के क्रियान्वयन हेतु जारी दिशा-निर्देश के अनुसार योजनांतर्गत वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांगजनों के अलावा विधवा तथा परित्यक्त महिलाओं को भी योजना में शामिल किया गया है। जिन्हें निर्धारित 19 तीर्थ स्थानों में से चयनित तीर्थ स्थान की यात्रा कराई जायेगी। वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं की यात्राएं एक साथ संचालित की जाएगी। दिव्यांगजनों हेतु पृथक से विशेष यात्राएं संचालित की जाएगी। बस्तर जिले हेतु मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत क्रमशः 394 एवं 28 व्यक्तियों को यात्रा पर भेजे जाने का लक्ष्य प्रदान किया गया है। उक्त लक्ष्य में चयनित हितग्राही, सहायकों सहित शासकीय अनुरक्षक एवं सुरक्षा कर्मी आदि सम्मिलित होंगे। इसे दृष्टिगत रखते हुए 394 के लक्ष्य अनुसार तीर्थदर्शन यात्रा के लिए जिले के नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा हेतु 75 प्रतिशत हितग्राही ग्रामीण क्षेत्र से तथा 25 प्रतिशत हितग्राही नगरीय क्षेत्र से चयनित किया जाएगा। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा हेतु हितग्राहियों के चयन में 80 प्रतिशत हितग्राही बीपीएल अन्त्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के कार्डधारी और 20 प्रतिशत हितग्राही एपीएल परिवारों के नागरिक होंगे जो आयकर दाता न हो। शासन द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत 19 तीर्थ स्थलों में से चिन्हांकित यात्रा का कार्यक्रम प्राप्त होने पर पात्रतानुसार चयनित व्यक्तियों को तीर्थयात्रा पर भेजा जा सकेगा। वरिष्ठ नागरिकों, विधवा, परित्यक्त महिलाओं और दिव्यांगजन के चयन यथा आवेदन पत्र प्राप्ति के समय यह ध्यान में रखा जाए कि वरिष्ठ नागरिक की आयु न्यूनतम 60 वर्ष से कम न हो, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं की आयु 60 वर्ष से कम हो एवं दिव्यांगजनों की आयु 18 वर्ष से कम न हो। वर्तमान में शासकीय सेवा में सेवारत अथवा सेवानिवृत्त कर्मचारी न हो एवं आयकर दाता न हों। आवेदक का मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा पर जाने हेतु शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम होने के संबंध में चिकित्सकीय प्रमाण पत्र पर चिकित्सक के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है।

ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकाय में होगी आवेदन की प्रक्रिया

       मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत लाभान्वित होने के लिए सम्बन्धित ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय में आवेदन पत्र जमा किए जा सकेंगे। सम्बन्धित नगर निगम या नगर पंचायत क्षेत्र के आवेदन पत्र के साथ संबंधित वार्ड के पार्षद द्वारा आवेदक की आयु तथा प्रथम बार मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन यात्रा पर जाने के संबंध में प्रमाण पत्र की प्रति, आवेदक का रक्त समूह संबंधी प्रमाण पत्र आवेदन पत्र के साथ संलग्न किया जाए। स्वास्थ्य परीक्षण में अनफिट पाये जाने पर अनफिट यात्रियों को तीर्थयात्रा पर नहीं भेजा जाएगा। इस हेतु प्रत्येक नगरीय निकाय तथा जनपद पंचायत द्वारा प्रदत्त लक्ष्य अनुसार 25 प्रतिशत अतिरिक्त पात्र व्यक्तियों की आवेदन यथा सूची तैयार कर रखी जाएगी, जिन्हें प्रतीक्षा सूची में रखा जाएगा, चयनित हितग्राही के यात्रा पर नहीं जाने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची से पात्र हितग्राहियों को तीर्थयात्रा पर भेजा जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक के आवेदन पत्र के साथ संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा आवेदक की आयु तथा प्रथम बार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत् यात्रा पर जाने के संबंध में प्रमाण पत्र की प्रति अनिवार्यतः संलग्न होना आवश्यक है। आवेदक के आवेदन पत्र के साथ स्वयं का पासपोर्ट फोटो तथा राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र या उम्र के सत्यापन हेतु अन्य प्रमाण पत्र जिसमें आवेदक की जन्म तिथि अंकित हो की प्रति संलग्न होना चाहिए। साथ ही संपर्क हेतु दूरभाष नम्बर या मोबाइल नंबर भी उल्लेखित हो एवं आवेदन में वांछित जानकारियों पूर्णतः अंकित की गई हो आदि का भली-भांति परीक्षण कर लिया जाए। 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक के साथ 21 से 50 वर्ष का व्यक्ति जो आवेदक द्वारा सहायक के रूप में नामित किया हो, वे जाने हेतु पात्र होंगे। इसी प्रकार से दिव्यांगजन तीर्थयात्री के साथ तीर्थ दर्शन यात्रा पर साथ जाने हेतु 21 से 50 वर्ष का व्यक्ति जो सम्बन्धित द्वारा नामांकित हो, वे सहायक के रूप में अनिवार्यतः भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा के लिए केवल श्रवण बाधित, मूक-बधिर, दृष्टि बाधित एवं अस्थि बाधित दिव्यांगजन का ही चयन किया जाए। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश सभी जनपद पंचायतों एवं संबंधित नगरीय निकायों को प्रेषित कर आवश्यक प्रक्रिया शुरू किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।