Friday, January 23, 2026
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ChatGPT को गूगल की सीधी टक्कर… पब्लिक के लिए शुरू हुआ Bard AI चैटबॉट… ऐसे कर पाएंगे इस्तेमाल…

इम्पैक्ट डेस्क.

आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में OpenAI कंपनी के ChatGPT की मदद से क्रांति आई है और इसने इतनी हलचल मचा दी कि सबसे बड़े सर्च इंजन को इसके विकल्प के तौर पर आनन-फानन में खुद का AI चैटबॉट लॉन्च करना पड़ा। अल्फाबेट इंक से जुड़ी गूगल ने Bard नाम से अपनी AI सेवा का पब्लिक ऐक्सेस ओपेन कर दिया है और सभी इंटरनेट यूजर्स जल्द इसका इस्तेमाल शुरू कर पाएंगे। बता दें, अमेरिका और UK में यूजर्स साइन-अप करते हुए वेटलिस्ट का हिस्सा बन सकते हैं।

कंपनी ने ब्लॉग-पोस्ट में इस बात की जानकारी दी है कि कई फेज में रोलआउट करते हुए यूजर्स को नए AI चैटबॉट का ऐक्सेस दिया जाएगा। गूगल के VP ऑफ प्रोडक्ट फॉर Bard सिसिए हसिआओ ने कहा, “Bard की मदद से लोग अपनी प्रोडक्टिविटी बेहतर कर सकेंगे, उनको नए आइडियाज मिलेंगे और वे अपनी उत्सुकता शांत कर पाएंगे।” जेनरेटिव AI ने बीते दिनों सुर्खियां बटोरी हैं, जिसकी मदद से यूजर्स के निर्देशों के हिसाब से टेक्स्ट, इमेज, म्यूजिक या वीडियोज तैयार किए जा सकते हैं। 

OpenAI से सीधी टक्कर लेने की कोशिश
गूगल लंबे वक्त से AI और इससे जुड़ी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है लेकिन इसकी टेस्टिंग लैब्स में ही कर रही थी। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट के सपोर्ट वाली OpenAI कंपनी ने ChatGPT के पब्लिक लॉन्च के साथ सबको चौंका दिया। अब गूगल की कोशिश ChatGPT की टक्कर के दमदार विकल्प के तौर पर Bard को पेश करने की है। पिछले साल नवंबर में रिलीज होने के बाद से ही ChatGPT को खूब लोकप्रियता और इंटरनेट स्पेस में सफलता मिली है। माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में Bing सर्च में इसका इंटीग्रेशन भी किया है। 

Bard को ‘अर्ली एक्सपेरिमेंट’ बता रही गूगल
सर्च इंजन कंपनी ने अपनी जेनरेटिव AI टेक्नोलॉजी को ‘अर्ली एक्सपेरिमेंट’ बताया है, जिसके साथ यूजर्स नई AI टेक्नोलॉजी से कोलैबरेट कर सकते हैं। यह चैटबॉट LaMDA पर आधारित है, जिस लैंग्वेज मॉडल को कंपनी ने इंटर्नली डिवेलप किया है। गूगल का कहना है कि Bard की ओर से यूजर्स को मिलने वाले जवाब ‘हाई-क्वॉलिटी’ इन्फॉर्मेशन सोर्सेज पर आधारित होंगे और उन्हें अप-टू-डेट जवाब मिलते रहेंगे। कंपनी ने चेतावनी दी है, “Bard यूजर्स को गलत और आपत्तिजनक जानकारी दिखा सकता है लेकिन गूगल उन विचारों का समर्थन नहीं करता।”

शुरू में सीमित कन्वर्सेशंस ही कर पाएंगे यूजर्स
गूगल के Bard AI चैटबॉट के साथ यूजर्स ढेर सारी बातें कर पाएंगे और उससे जवाब मांग सकेंगे। कंपनी के VP ऑफ रिसर्च फॉर Bard एली कॉलिन्स ने कहा है कि कंपनी शुरुआत में कन्वर्सेशंस लिमिटेड रखी है और ऐसा सुरक्षा कारणों से किया जा रहा है। साफ है कि कंपनी Bard को सीमित ढंग से टेस्ट कर रही है लेकिन इसने सभी सीमाओं की जानकारी ब्लॉग-पोस्ट में नहीं दी है। अमेरिका और पश्चिमी देशों से शुरुआत के बाद भारत में भी इसे इस्तेमाल करने का विकल्प मिल सकता है।

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