Monday, January 26, 2026
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सिस्टम ने नहीं सुनी तो दशरथ बन गए धनगोल के बाशिंदें! ताड़ वृक्ष के तनों से तान दी जुगाड़ की पुलिया…

पी रंजन दास। बीजापुर। ताड़ के तनों से तान दी जुगाड़ की पुलिया ! बिहार के दशरथ मांझी पर बनी फिल्म मांझी द माउंटेन मेन आपने जरूर देखी होगी। फिल्म के आखिरी दृश्य में दशरथ कहते है कि भगवान के भरोसे ना बैठे, क्या पता भगवान हमारे भरोसे बैठा हो। फिल्म के इस डॉयलाग से ठीक इत्तफाक रखती है बीजापुर के धनगोल पंचायत की कहानी। जहां प्रशासन से एक अदद पुलिया की फरियाद करते थक चुके ग्रामीण अब प्रशासन से उम्मीद से छोड़ बारिश में पेश आने वाली कठिनाईयों से

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Breaking NewsDistrict BeejapurExclusive StoryImpact Original

20 साल बाद बजेगी स्कूल की घंटी, माओवाद प्रभावित मुदवेंडी में…

पी रंजन दास। बीजापुर । 20 सालों से शिक्षा के प्रकाश से वंचित मुदवेंडी गांव में नए शिक्षा सत्र में स्कूल की घंटी बजनी शुरु हो जाएगी। सड़क और सुरक्षा के विस्तार के बाद जिला प्रशासन के प्रयासों से अब मुदवेंडी के बच्चों को शिक्षा के अधिकार का लाभ मिलेगा और अशिक्षा के अंधकार से मुक्ति मिलेगी। नियद नेल्लानार के जरिये विकास की पहूँच और स्कूल वेंडे वर्राट पंडूम से शिक्षा की मुख्यधारा में लौटने की अपील का असर अब माओवाद प्रभावित इलाकों में दिखने लगा है। 20 सालों  से

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between naxal and forceEducation

नक्सलगढ़ में बच्चों को भाया “तंबू क्लासरूम”! बंदूक की जगह छड़ी थाम अफसर-जवान जगा रहे शिक्षा की अलख…

बीजापुर के पालनार गांव से आई सुखद तस्वीर पी रंजन दास। बीजापुर। छत्तीसगढ़ के घोर माओवाद प्रभावित बीजापुर के पालनार गांव में सीआरपीएफ की एक तंबु वाली क्लासरूम मिसाल बनकर उभरी है। सीआरपीएफ ने गांव के बच्चों का बेहतर भविष्य गढ़ने के उद्देश्य टेंट को ही क्लासरूम बना दिया है। जिसमें अफसर से लेकर जवान गांव के बच्चों को ककहरा से लेकर अंकगणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे विषय पढ़ा रहे हैं। सीआरपीएफ 202 कोबरा क्लासरूम का संचालन कर रही है। जिसे कोबरा क्लासेस का नाम भी दिया गया है। बच्चों के

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between naxal and forceBig newsD-Bastar Division

जो कभी माओवादी दस्ते का हिस्सा थी अब वह हैं देश सेवा के लिए महिला कमांडो…

पी रंजन दास। बीजापुर। सियारी के पत्तों से पत्तल और दोना, चूल्हा-चौकी के साथ बस्तर की फिजा में मांदर की थाप और बांसूरी की सुरीली आवाज को लौटाने, यहां शांति बहाली के लिए महिलाएं भी पुरूषों के साथ कदम से कदम मिलाकर नक्सलियों को उनके ही गढ़ में मुंहतोड़ जबाव दे रही हैं। बस्तर में इस समय नक्सलियों के खिलाफ छिड़ी निर्याणक जंग में महिला कमांडोज को भी युद्धग्रस्त इलाकों में उतारा गया है। इनमें समर्पित महिला माओवादी भी शामिल है जो कल तक लोकतंत्र की मुखालफत में हथियार लेकर

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…तो फिर दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में नही गूंजेगी बच्चों की किलकारियां!

विनोद सिंह. दंतेवाड़ा। जिला अस्पताल दंतेवाड़ा से प्रसूति एवम शिशु विभाग को गीदम MCH में शिफ्टिंग की तैयारी चल रही है।अगर खबर सही है तो कुछ दिनों बाद जिला अस्पताल में बच्चों की किलकारियां सुनाई नही पड़ेगी।अगर आपके बच्चे को बुखार भी आया तो उसके इलाज के लिए गीदम MCH जाना पड़ेगा। जिला चिकित्सा विभाग में पिछले एक साल से एक खिचड़ी पक रही है।तत्कालीन जिला कलेक्टर ने लगभग 1 वर्ष पहले जिला हस्पितल के अनिवार्य फैकल्टी प्रसूति एवं  शिशु विभाग को गीदम MCH में शिफ्ट करने की योजना बनाई

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