14 अप्रेल के बाद क्या… लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल… छत्तीसगढ़ में सीएम ने पीएम को पत्र लिखकर दिए कई संकेत…
इम्पेक्ट न्यूज. रायपुर।
कोरोना संक्रमण के चलते छत्तीसगढ़ समेत देश के सभी राज्यों में फिलहाल लॉक डाउन है। इन राज्यों में जन—जीवन पूरी तरह ठप पड़ा है। लोग अपने घरों में बंद हैं और संक्रमण से बचने के उपायों के तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी कर रहे हैं। प्रधानममंत्री की घोषणा के मुताबिक लॉक डाउन का यह पीरियड 14 अप्रैल को खत्म हो रहा है।
25 मार्च से लॉक डाउन का सख्ती से पालन पूरे देश में हो रहा है। इससे पहले 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के माध्यम से लोगों को पीएम ने संदेश दे दिया था कि वे आने वाले दिनों में कोरोना के संक्रमण को लेकर कुछ बड़े कदम उठाने जा रहे हैं। इसे बाद 25 मार्च से पूरे देश में लॉक डाउन की विधिवत घोषणा कर दी गई। इससे पहले ही देश के कई राज्य सरकारों ने अपने—अपने राज्यों की स्थिति को भांपते सुरक्षा के कदम के तहत लॉक डाउन डिक्लेयर कर दिया था।
इसमें से सबसे पहले छत्तीसगढ़ ने अपने कई फैसले तेजी से लिए। छत्तीसगढ़ में 21 मार्च से ही करीब—करीब लॉक डाउन की स्थिति निर्मित है। यहां 24 मार्च की शाम को प्रधानमंत्री की घोषणा से पहले ही बंद जैसे हालात निर्मित रहे। इसका परिणाम भी सुखद निकला आज छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण को लेकर एक बेहतर स्थिति है। यहां अब तक कुल 10 मामले सामने आए हैं जिनमें से कुल 9 स्वस्थ हो चुके हैं। एक संक्रमित का उपचार एम्स रायपुर में चल रहा है।
अब जैसे—जैसे 14 अप्रेल की तिथि करीब आ रही है लोगों में उसके बाद क्या होगा इस फैसले को जानने को लेकर भारी उत्सुकता है — जिसे लेकर विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त जानकारी को साझा किया जा रहा है…
— लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या हालात सामान्य हो जाएंगे
इस संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पत्र कई संकेतों को स्पष्ट कर रहा है जिसे उन्होंने प्रधानमंत्री को सोमवार को ही प्रेषित किया है। इस पत्र में मुख्यमंत्री ने 14 अप्रेल को लॉक डाउन को खोले जाने से को लेकर राज्य की ओर से अपनी चिंता जताई है। जिसमें उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि छत्तीसगढ़ में संक्रमण पर नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। यदि अन्य राज्यों से परिवहन और आवाजाही प्रारंभ होगी तो संक्रमण को फैलने का खतरा रहेगा।
देखें पत्र

यदि इस दिशा में सरकार कोई फैसला लेती है तो फिलहाल 14 अप्रेल से लॉक डाउन से पूरी तरह निजात मिलने की संभावना क्षीण है। संभव है राज्य सरकार सुरक्षा और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ऐसे कदम उठाए जिससे लोगों को दिक्कत ना हो और वे संक्रमण से बचे भी रहें।
क्या पूरे देश में हालात सामान्य हो सकेगा?
इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय की दैनिक रिपोर्ट को नियमित तौर पर देखना चाहिए। जब तक दैनिक संक्रमण की स्थिति में स्थिरता की स्थिति परिलक्षित नहीं होती है तब तक संभव है सरकार लॉक डाउन के कोई दूसरे तरीके पर विचार कर सकती है। जिसमें विशेष परिस्थिति और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त पर कई क्षेत्रों में राहत दे सकती है। पर फिलहाल पूरे देश में हालात सामान्य होने की संभावना कम ही है।