श्रीराम से सीखें दान व दया का स्वरुप: दीदी मां मंदाकिनी
रायपुर ईश्वर की कृपा तो सब पर समान रुप से बरसती है लेकिन आपके ग्रहण करने की पात्रता पर निर्भर करता है कि कितनी मात्रा आप पा सकते है यदि पात्र में छिद्र है तो सारी कृपा व्यर्थ हो जाएगी। बुद्धि की चतुराई का प्रयोग कर अपने छल को कब तक छुपा पाएंगे। राम कथा सुनते है, राम मंदिर में राम का दर्शन करते है लेकिन राम का एक गुण या एक दृष्टि भी ग्रहण कर लिया तो घर-समाज में राम राज्य स्थापित हो जाएगा इसके लिए हृदय के मंदिर
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