2 साल के भीतर उजड़ गई लोहाडोंगरी की सुंदरता : मुंह चिढ़ाते बच गए मंत्री लखमा समेत जनप्रतिनिधयों के शिलान्यास… लाखों रूपए फूंक रोपे गए पौधे सूख गए… फंड के अभाव में चौकीदार, माली, सफाई कर्मचारियों को दिखा दिया गया बाहर का रास्ता…
इम्पैक्ट डेस्क. बीजापुर। मनवा बीजापुर की कल्पना को लेकर जिस लोहा डोंगरी को दो साल पहले संवारने-निखारने का काम पूरे जोश के साथ शुरू हुआ था, आज उसी लोहा डोंगरी की सुंदरता जनप्रतिनिधियों-प्रशासन की उपेक्षा के चलते निखरने के बजाए मुरझाने लगी है। पहाड़ी के एक हिस्से में पुष्प और औषधीय पौधों की प्रजातियों की वाटिका की सुध लेने वाला कोई नहीं है। लाखों रूपए खर्च कर और चौबीस घंटे कर्मचारियों की देखरेख में विकसित उद्यान अपन मूल स्वरूप खो चुका है। उद्यान समेत पूरे परिसर की देख-रेख, साफ-सफाई के
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