इम्पेक्ट न्यूज। रायपुर/दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले में ऐन विधानसभा चुनाव से पहले जबरदस्त त्रिकोण में कांग्रेस की नैय्या फंसती दिख रही है। इस त्रिकोण में विधायक, साहब और कांग्रेस के वे नेता जिनका सरोकार महेंद्र कर्मा की राजनीति के दौर से रहा है। राजधानी में विधायक, अफसर और नेताओं का जमावाड़ा
District Dantewada
5 साल से इंतजार! नियमितिकरण पर मंशा स्पष्ट करे सरकार, सरकार को जगाने संविदाकर्मियों ने किया हवन : 2018 चुनाव पूर्व जुलाई माह में कांग्रेस पदाधिकारियों ने हड़ताली मंच में जाकर नियमित करने की थी घोषणा…
इम्पैक्ट डेस्क. दंतेवाड़ा. जुलाई 2018 में संविदा कर्मचारी अपने नियमितिकरण के लिए संघर्षरत थे। उस दौरान कांग्रेस के बड़े नेता हड़ताली मंच में जाकर कांग्रेस की सरकार बनने पर 10 दिनों के भीतर नियमित करने का वादा किया था और इनकी मांगों को 2018 के कांग्रेस जन घोषणा पत्र में
दंतेवाड़ा में सत्ता पक्ष के विधायक और प्रशासन के बीच टसन… आज सीएम भूपेश के साथ मुलाकात की तैयारी… सुलह पर हो सकती है बात…
इम्पेक्ट न्यूज। दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले में सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। यहां जिला प्रशासन और सत्ता पक्ष के विधायक के बीच चल रही खिंचतान अब सीएम भूपेश तक पहुंच गई है। दरअसल दंतेवाड़ा विधायक देवती कर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा की कलेक्टर विनीत नंदनवार के
हम शर्मीदा हैं, कांग्रेस के नियमितिकरण का वादा अधूरा है : संविदाकर्मी… 33 जिलों में अनिश्चितकालीन आंदोलन का आगाज… अनुपूरक बजट में संविदा नियमितीकरण को शामिल करे सरकार – श्वेता सोनी…
इम्पैक्ट डेस्क. दन्तेवाड़ा. भूपेश सरकार के साढ़े चार साल बाद भी संविदाकर्मियों से किया हुआ जनघोषणा पत्र में कांग्रेस का नियमतीकरण का वादा पूरा नहीं हुआ है। जिससे नाराज प्रदेश के 54 विभागों के कार्यरत संविदा कर्मचारी 33 जिलों में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल पंडाल पर हम
“दुब्बर ला दू आषाढ़” संविदाकर्मी आंदोलन बर लाचार : साढ़े चार साल बाद भी नियमितिकरण के वादे पूरे नहीं हुए – श्वेता सोनी… 3 जुलाई से अनिश्चित कालीन हड़ताल, कामकाज ठप…
इम्पैक्ट डेस्क. दंतेवाड़ा. सरकार बनने से पूर्व 2018 के जनघोषणा पत्र में कांग्रेस पार्टी ने संविदा कर्मचारियों से नियमितिकरण का वादा किया था। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के साढ़े चार साल बादनियमितिकरण तो दूर नियमित रूप से जो वेतन बढ़ाना था वह भी नहीं बढ़ाया गया। संविदा कर्मचारियों