Google Analytics Meta Pixel
Thursday, March 12, 2026
news update
Breaking NewsEditorialNational News

विकसित भारत के तीन बड़े कर्तव्य… बजट में राजकोषीय घाटा कम करने का लक्ष्य…

सुरेश महापात्र।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना नौवां बजट पेश किया। यह बजट ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। बजट तीन बड़े कर्तव्यों पर टिका हुआ है – लगातार आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, लोगों की क्षमता का निर्माण करना और सबका साथ लेकर सबका विकास सुनिश्चित करना। करीब 85 मिनट के बजट भाषण में विकास, रोजगार, बुनियादी ढांचे और कर व्यवस्था में सुधार पर खास जोर दिया गया।

इस बार कुल खर्च का अनुमान 53.5 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। इसमें से पूंजीगत खर्च यानी सड़क, रेल, बिजली जैसे ढांचे पर 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो जीडीपी का 4.4 प्रतिशत है।

राजकोषीय घाटे को कम करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं। चालू वित्त वर्ष में यह जीडीपी का 4.4 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में 4.3 प्रतिशत रहने का लक्ष्य है। सरकार का मकसद 2030-31 तक कर्ज-जीडीपी अनुपात को 50 प्रतिशत के आसपास लाना है।

बुनियादी ढांचे पर खास ध्यान दिया गया है। सात नई हाई-स्पीड रेल गलियारों की घोषणा की गई है, जिनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी शामिल हैं। अगले पांच साल में 20 राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू किए जाएंगे। तटीय और अंतर्देशीय जलमार्गों से माल ढुलाई की हिस्सेदारी को 2047 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

कर व्यवस्था में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं, लेकिन नया सरल आयकर कानून एक अप्रैल 2026 से लागू होगा। छोटे करदाताओं के लिए अलग से आसान योजना लाई जाएगी। व्यक्तिगत सामान के आयात पर कस्टम ड्यूटी 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है।

स्टॉक फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाया गया है। विदेशी टूर पैकेज पर टीसीएस अब सिर्फ 2 प्रतिशत रहेगा। भारतीय डेटा सेंटर का इस्तेमाल करने वाली विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट मिलेगी।

किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों में मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। तटीय इलाकों में स्टार्टअप, महिला समूह और किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत किया जाएगा। नारियल, चंदन, काजू, बादाम जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों पर विशेष ध्यान रहेगा। ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘SHE-मार्ट्स’ की योजना शुरू होगी और AI आधारित कृषि टूल ‘भारत-VISTAAR’ लॉन्च किया जाएगा।

उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी कई कदम उठाए गए हैं। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोफार्मा और रेयर अर्थ जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई स्कीम शुरू की जाएंगी।

200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर को फिर से जिंदा करने का प्लान है। एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड बनाया जाएगा। कपड़ा, टूल रूम और कंटेनर निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी नई योजनाएं लाई जाएंगी।

स्वास्थ्य, शिक्षा और युवाओं के लिए भी बजट में कई प्रावधान हैं। मानसिक स्वास्थ्य के लिए NIMHANS 2.0 लॉन्च होगा और उत्तरी भारत में नई सुविधाएं बढ़ेंगी। जिला अस्पतालों में इमरजेंसी बेड की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। 1.5 लाख देखभालकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर जिले में लड़कियों के लिए STEM छात्रावास बनेंगे। 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में एनिमेशन, गेमिंग और विजुअल कंटेंट की लैब शुरू होंगी। खेलो इंडिया मिशन को और मजबूत किया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के लिए भी अहम घोषणाएं हैं। कार्बन कैप्चर पर 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्यटन के नए हब, ट्रेल्स, डिजिटल मैप और 15 पुरातात्विक स्थलों का विकास होगा।

कुल मिलाकर यह बजट रोजगार बढ़ाने, ढांचागत विकास करने और सबको साथ लेकर चलने पर केंद्रित है। वैश्विक चुनौतियों से निपटने की कोशिश के साथ यह 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की मजबूत नींव रख रहा है।