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इम्पेक्ट न्यूज़. सुकमा।

आंध्र प्रदेश व तेलंगना की सीमा पर स्थित कोंटा में हर दिन बड़ी संख्या में मजदूर पैदल लौट कर आ रहे हैं। ये लॉक डाउन के बाद कई दिनों तक पैदल सफर करते हुए यहां पहुंचे। उनकी डिमांड बस इतनी ही कि उन्हें उनके गांव तक पहुंचने दिया जाए। अब इन मजदूरों से संक्रमण को दूर करने के लिए क्वेंरनटाइन सेंटर में भेजने की कवायद चल रही है।

इन सभी मजदूरो का स्वाथ्य जांच उपरांत वहीं क्वैंरनटाइन किया जा रहा है। लेकिन आज उनमें से 23 मजदूरों को एक ही पिकअप वाहन में सवार कर उन्हें भेजा जा रहा था। उस वाहन को सुकमा यातायात ने रोक कर पूछताछ की।

गौरतलब है कि प्रदेश और जिला प्रशासन के द्वारा लगातार सोशल डिस्टेंस और फिजिकल डिस्टेंस पर जोर दिया जा रहा है। ठीक इसके विपरित आंध्र व तेलंगाना की सीमा पर स्थि​त कोंटा में स्थानीय प्रशासन के द्वारा एक ही वाहन में क्षमता से अधिक और एक साथ इतने लोगों को भेजना नई समस्याओं के लिए कारक हो सकता है। यहां पर सोशल और फिजिकल डिस्टेंस के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है।

मजदूरों को ठसाठस भरकर ले जा रहे वाहन चालक ने सुकमा में यातायात पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसे कोंटा से भेजा गया है। ये सारे लोग कोंटा में स्थित पोटाकेबिन क्वेंरनटाइन सेंटर से उनके घर सोनाकुकानार छोड़ने के लिए लेकर जा रहा है।