पशुओं को खुला नहीं छोड़ने की शपथ लेंगे ग्रामीण… ‘रोका-छेका‘ परम्परा के निर्वहन के लिए सभी गांवों में होगी बैठक…
इम्पेक्ट न्यूज़. सुकमा। आंवारा पशुओं से फसलों को होने वाली क्षति से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ की परम्परा ‘रोका-छेका‘ को सुदृढ़ बनाने के लिए ग्रामीण शपथ लेंगे। इसके लिए 19 जून को सभी गांवों में बैठक होगी। बैठक में पंच-सरपंच सहित सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है, ताकि रोका-छेका की परम्परा को बेहतर ढंग से लागू करने पर विचार-विमर्श कर सकें। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आंवारा पशुओं के कारण किसानों को होने वाले नुकसान को देखते हुए गांव-गांव में गौठान बनाने का कार्य किया गया है। Read moreइंदिरा गांधी कृषि
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