लोकजीवन की कृति ही हम सबकी साझा संस्कृति है : हरिहर वैष्णव
हेमंत पाणिग्राही. जगदलपुर। बस्तर टॉक में शामिल हुए लोक साहित्यकार हरिहर वैष्णव बस्तर टॉक के पहले सीजन में लोक साहित्यकार, संस्कृति चिंतक और ब्लॉगर हरिहर वैष्णव ने ‘बस्तर के साहित्य और लेखन’ विषय पर विचार रखते हुए कहा कि हमारे जीवन की व्यथा और उसकी कथा को कहने की कला ही साहित्य है।बस्तर के लोक साहित्य को प्रकाश में लाने का थोड़ा सा प्रयास कर रहे हैं। Read moreशिक्षा विभाग में तबादले, लिस्ट जारी होते ही हुई जनप्रतिनिधियों की फजीहत… अफसरों पर मनमानी का आरोप… विभागीय मंत्री भी सन्नउन्होंने कहा
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