फ़लस्तीन यात्रा से लौटे विनीत तिवारी: मानवता के लिए फ़लस्तीन के साथ खड़ा होना जरूरी
फ़लस्तीन यात्रा से लौटे विनीत तिवारी * फ़लस्तीन के साथ खड़ा होना इंसानियत का तकाज़ा _” अपने देश में बाँध विस्थापितों के नर्मदा बचाओ आंदोलन में या आदिवासी संगठनों के आंदोलनों में राज्य की हिंसा की वारदातों में, या सांप्रदायिक हिंसा पीड़ित इलाक़ों में स्वतंत्र जाँच दल के सदस्य की हैसियत से जाने पर अनेक बार पुलिस तथा सांप्रदायिक-फ़ासीवादी विचार वाले लोगों से आमना-सामना भी हुआ और झड़प भी, लेकिन फ़लस्तीन यात्रा मेरे लिए मानसिक तौर पर ज़्यादा चुनौतीपूर्ण थी। कभी डर का ऐसा अहसास नहीं हुआ था जैसा फ़लस्तीन
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