simhastha-2028

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सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार कराएगी 15,567 करोड़ के विकास कार्य

उज्जैन  मध्य प्रदेश में सिंहस्थ-2028 की तैयारी राज्य सरकार ने शुरू कर दी है। इसके लिए पांच सौ करोड़ रुपये का बजट प्रवधान भी किया गया है। मगर, सिंहस्थ के कार्यों में इससे अधिक व्यय होगा। सिंहस्थ की तैयारियों के तहत 18 विभागों ने 568 कार्यों का प्रस्ताव शासन को सौंपा है। इन कार्यों में 15,567 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें नदियों पर घाटों का निर्माण, वहां सुरक्षा व्यवस्था, सड़क, पुल निर्माण, सिंहस्थ मेला क्षेत्र का विकास, परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के कार्यों को प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं,

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मुख्यमत्री डॉ. यादव ने आपदामुक्त सिंहस्थ-2028 के प्रशिक्षण का शुभारंभ किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को उज्जैन में पुलिस लाइन सरोवर पर सिंहस्थ- 2028 को आपदामुक्त संपन्न कराने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 18 हजार पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड जवान एवं सिविल वॉलिंटियर्स को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान डीप डाइवर्स, तैराकों, बोट हैंडलर्स के कार्यों का अवलोकन किया तथा ब्रीदिंग अप्रैटस, स्नेक कैचर एवं आपदा प्रबंधन के कार्य में आने वाले अन्य उपकरणों का निरीक्षण भी किया। उपकरणों की जानकारी डिविजनल कमांडेंट

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सिंहस्थ-2028 के आयोजन के लिए कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना के लिये राशि स्वीकृति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा अनुबंधित एजेंसी से सिंहस्थ-2028 के आयोजन के लिए समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने की महती आवश्यकता के दृष्टिगत प्रो-रेटा आधार पर “कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना” लागत राशि 919 करोड़ 94लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि उज्जैन जिले की कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति रुपये 598 करोड़ 66 लाख की प्रदान की गई थी। परियोजना अंतर्गत कान्ह नदी के दूषित जल को 16.70 किलोमीटर की

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आलोट विकासखंड में शिप्रा-चंबल नदी का संगम स्थल शिपावरा का स्वरूप अब जल्द निखरने वाला …..

 रतलाम  जिले के आलोट विकासखंड में शिप्रा-चंबल नदी का संगम स्थल शिपावरा का स्वरूप अब निखरने वाला है। यह जगह करीब 4000 साल पुरानी ताम्राश्म युगीन सभ्यता के अवशेष समेटे हुए है। शिपावरा के पौराणिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हुए यहां महाकाल लोक की तर्ज पर नवनिर्माण होगा। कलेक्टर राजेश बाथम ने करीब 23 करोड़ रुपये की योजना तैयार करवाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेजी है। सिंहस्थ मद से इसमें स्वीकृति मिलना तय माना जा रहा है। पर्यटन और धार्मिक नजरिये से शिपावरा विकास की योजना में

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