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Madhya Pradesh

गांव की महिलाओं ने केले के रेशे से बनाया इको-फ्रेंडली पैड, दो साल तक रहेगा नया और किफायती

बुरहानपुर.  अकसर गांव की महिलाओं की जब बात होती है तो लोग सुनते हैं और कहते हैं खेत में काम करने के लिए जाती होगी या कहीं पर मजदूरी करती होगी या ग्रहणी होगी. लेकिन मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के छोटी खकनार की 20 से अधिक महिलाएं इतनी टैलेंटेड है कि वह पढ़ी-लिखी नहीं है लेकिन उन्होंने ऐसा प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है कि अब वह केले के रेशे से सेनेटरी पैड बना रही हैं. इस पैड की खासियत है कि यह 2 साल तक खराब नहीं होता है.

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Madhya Pradesh

मध्य प्रदेश सबसे पहले बना बेटियों को सैनेटरी पैड के पैसे देने वाला बना राज्य, UNICEF ने भी इस प्रयास को सराहा

भोपाल डॉ. सर्जना चतुर्वेदी: चीनी दार्शनिक लाओ त्जु का छठवीं शताब्दी का यह कथन हर उस बेहतर पहल या निर्णय पर सटीक बैठता है जो किसी एक व्यक्ति या किसी एक संस्था द्वारा किसी व्यक्ति, समूह या समाज के हित में लिया गया हो। हाल ही में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 11 अगस्त को सैनेटरी पेड खरीदने के लिए 57.18 करोड़ रुपए की राशि छात्राओं के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए ट्रांसफर की गई थी। प्रति छात्रा यह राशि 300-300 रुपए दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ.

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