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एक ही गोत्र में विवाह क्यों माना जाता है वर्जित? जानिए इसके पीछे की परंपरा और कारण

हिंदू धर्म में विवाह 16 संस्कारों में से एक माना जाता है. विवाह के बाद गृहस्थ जीवन की शुरुआत होती है. हिंदू धर्म में विवाह में कई परंपराएं होती है. विवाह के दौरान कई बातों का ध्यान रखा जाता है. इन्हीं महत्वपूर्ण बातों में शामिल है गोत्र. हिंदू धर्म में कभी भी एक ही गोत्र में विवाह नहीं किया जाता है, लेकिन ऐसा क्यों है? आइए विस्तार से जानते हैं. गोत्र का शाब्दिक अर्थ होता है वंश या कुल. प्राचीन समय में जो ऋषि-मुनियों के वंशज थे, उनको गोत्रों में

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