तानाशाही के बीच चमकी मारिया की लोकतंत्र की लौ, नोबेल शांति पुरस्कार की सच्ची कहानी
कराकास आर्कटिक से आने वाली नॉर्वे की सर्द हवाओं के बीच नॉर्वेजियन नोबेल समिति की घोषणा ने दुनिया भर में एक नई उम्मीद की किरण जलाई है। वेनेजुएला की विपक्षी नेता को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है। नोबेल कमिटी के चेयरमैन जॉर्गेन वाटने फ्राइडनेस ने मंच पर खड़े होकर कहा, “यह पुरस्कार एक ऐसी महिला को जाता है जो बढ़ते हुए अंधेरे में लोकतंत्र की लौ जलाए रखती है।” और फिर नाम लिया गया- मारिया कोरिना माचाडो। वेनेजुएला की यह बेटी, जो तानाशाही के साए में
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