एमपी सरकार ने लिया बड़ा फैसला: प्राइवेट स्कूल के बच्चों की फीस के लिए सीधे बैंक खाते में भेजे जाएंगे 20 हजार रुपये
भोपाल प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस चुकाना हर किसी के वश की बात नहीं है। कई नामी स्कूलों का सालाना अध्ययन शुल्क 1 लाख के पार जा चुका है। मामूली आमदनी वाले अभिभावक निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने की सोच भी नहीं सकते। हालांकि ऐसे बच्चों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिए राज्य सरकार आगे आई है। प्रदेश में निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस सरकार चुकाती है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में प्रथम प्रवेशित
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