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डी-डॉलरीकरण की रफ्तार तेज, भारत-रूस-चीन निभाएंगे बड़ी भूमिका

नई दिल्ली विशेषज्ञों ने सोमवार को कहा कि समय के साथ डॉलर की स्थिति वैश्विक बाजार में कम होगी और इसी के साथ दूसरे देशों की करेंसी अपना एक अलग वजूद और अस्तित्व स्थापित करेंगी, जिनमें चीन, रूस और भारत जैसे देश शामिल होंगे। उन्होंने स्वीकारा कि अब अमेरिकी आधिपत्य का युग खत्म होने जा रहा है। इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट डॉ. मनोरंजन शर्मा ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, “आज हम एक मल्टीपोलर वैश्विक व्यवस्था का हिस्सा बन गए हैं, जिसमें ताकत के एक नहीं बल्कि कई बिंदु

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