89 साल की उम्र में तलाक लेने पहुंचा पति : सुप्रीम कोर्ट ने कहा…
इंपेक्ट डेस्क. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय समाज में विवाह को पवित्र और अध्यात्मिक मिलन माना जाता है, इसलिए विवाह के अपूरणीय विघटन (टूट के कगार पर पहुंच चुकी शादी) के आधार पर तलाक को मंजूरी नहीं दी जा सकती। शीर्ष अदालत ने 89 साल के एक व्यक्ति की मांग को खारिज करते हुए यह फैसला दिया। इस व्यक्ति ने 82 साल की पत्नी से तलाक की मांग की थी। न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि पत्नी ने 1963 यानी 60 सालों
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