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इम्पेक्ट न्यूज़। रायपुर, 25 फरवरी 2026:
छत्तीसगढ़ विधानसभा में सीवरेज जल समस्या के समाधान के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) के निर्माण और संचालन को लेकर गहन चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने प्रदेश में एसटीपी की प्रगति पर सवाल उठाते हुए भ्रम की स्थिति का जिक्र किया। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव ने विस्तृत जानकारी दी और गलत आंकड़ों पर उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया। चर्चा में रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने खारून नदी में एसटीपी निर्माण के बावजूद गंदे पानी की समस्या को रेखांकित किया।
उपमुख्यमंत्री साव ने बताया कि एसटीपी की संख्या और संचालन को लेकर उत्पन्न भ्रम का मुख्य कारण नया रायपुर का एक एसटीपी है, जो आवास एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत आता है और नगरीय प्रशासन विभाग के आंकड़ों में शामिल नहीं है। वर्तमान में प्रदेश के 12 शहरी निकायों में 21 एसटीपी पूर्णतः संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 402.6 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) है। इसके अलावा, 16 नगरीय निकायों में 33 एसटीपी (कुल 366.5 एमएलडी क्षमता) और 68 निकायों में 96 एसटीपी (कुल 179.93 एमएलडी क्षमता) निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। शेष 101 निकायों के लिए कार्ययोजना अंतिम चरण में है।
योजना के तहत जुलाई 2023 में 7.49 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी, लेकिन तकनीकी परिवर्तनों और निविदा दरों (66.50%, 64.96%, 9.99%) में विसंगतियों के कारण तीन बार टेंडर निरस्त करने पड़े। विभाग ने अब नई तकनीक अपनाकर प्रक्रिया पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। साव ने कहा कि यदि किसी टेंडर में त्रुटिपूर्ण जानकारी दी गई या राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को गलत आंकड़े प्रदान किए गए, तो उच्च स्तरीय जांच कर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कुछ एसटीपी की क्षमता संबंधी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उदाहरण दिए। रायपुर का चंदनी बाग एसटीपी 75 एमएलडी क्षमता में से केवल 51 एमएलडी जल का उपचार कर पा रहा है, जबकि चाम्पा का 5.5 एमएलडी संयंत्र मात्र 0.7 एमएलडी उपचारित जल प्रदान कर रहा है। इन समस्याओं का कारण तकनीकी मुद्दे, जनसंख्या अनुपात और स्थानीय परिस्थितियां हैं। विभाग समयबद्ध तरीके से सभी योजनाओं को पूरा करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और उत्तरदायी अधिकारियों के लिए दंड-पुरस्कार प्रावधान विकसित करने पर कार्य कर रहा है।
चर्चा में शामिल होते हुए विधायक राजेश मूणत ने खारून नदी में एसटीपी निर्माण के बाद भी गंदे पानी के प्रवाह की समस्या उठाई। उपमुख्यमंत्री ने मुख्य अभियंता के नेतृत्व में एक कमेटी गठित कर जांच कराने की बात कही। हालांकि, मूणत ने कहा कि जांच से कुछ नहीं होगा और रायपुर की जनता गंदा पानी पीने को मजबूर है।
