सुबह 10.30 से दोपहर 3.02 बजे तक साढ़े चार घंटे के चंद्रग्रहण में मटमैला हो जाएगा चांद, भारत में सूतक काल नहीं
शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण की घटना शुभ नहीं होती है। इस वजह से ग्रहण के दौरान शुभ कार्य करने की मनाही होती है। ग्रहण से कुछ घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। सूतक काल में पूजा-पाठ व धार्मिक कार्य वर्जित माने गए हैं। इस दौरान मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। होली के रोज इस वर्ष का पहला चन्द्र ग्रहण भी लगेगा, लेकिन यह देश में नहीं दिखेगा। इसलिए इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। साल का पहला चन्द्र ग्रहण इस बार रंगवाली होली (25 मार्च)
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