योग एक अभ्यास नहीं, एक जाग्रत चेतना है, स्वस्थ तन और मन के लिए 21 जून विश्व योग दिवस पर करें ये योग साधना
नई दिल्ली योग यह एक शब्द मात्र ही नहीं है। पूरी जीवनशैली है, वह भी आध्यात्मिकता और पावनता के साथ। तन-मन-आत्मा की फिटनेस का आध्यात्मिक फार्मूला है योग। योग करने का विधान पूजन से कम नहीं है। मन की शुद्धि, स्वच्छ सोच और पूरी स्वच्छता के साथ योग किया जाता है। योग व्यक्ति को स्वस्थ ही नहीं बनाता, बल्कि ईश्वर की उपासना का माध्यम भी बनाता है। योग एक अभ्यास नहीं, एक जाग्रत चेतना है और 21 जून को धरती के अक्षीय झुकाव (Axial Tilt) के कारण पृथ्वी की
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