अदृश्य युद्ध के दौर में…
कुछ लोगों का लिक्खा सिर्फ इसलिए अच्छा नहीं हो जाता कि वे वैसे पद पर हैं जहां बुरा बोलने के लिए भी हैसियत चाहिए… पर इनके साथ ऐसा नहीं है… ये लिखते हैं तो मर्म को स्पर्श करते हैं इनके शब्द… तारण प्रकाश सिन्हा के फेसबुक वॉल से… निश्चित ही यह एक अकल्पनीय समय है। वह घटित हो रहा है, जो किसी ने कभी सोचा तक नहीं था। आगे बढ़ती हुई एक सदी अचानक थम गई, बीती हुई सदी अपने तमाम जख्मों के साथ फिर प्रकट हो गई। फिर वही
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