एक उत्पाती हाथी के ‘कुमकी हाथी’ बनने की कहानी
रायपुर उत्पात मचाते हुये एक युवा दंतैल हाथी को राजनांदगांव की तरफ़ जाते हुए वन विभाग ने ग्यारह सांल पूर्व पकड़ा, और उसको सरगुजा से तीन साल पूर्व लाली हथिनी का जोड़ीदार बनाने अचानकमार टाइगर रिजर्व ( छतीसगढ़) में सिहावल लाया गया। इसका नाम रखा गया राजू उसे सँगनी के रूप में ‘लाली’ मिल गई। आज यह दंतैल ‘कुमकी हाथी’ है। यह कहानी इसी दंतैल हाथी की है। मादा-नर हाथी के साथ होने इस टाइगर रिजर्व में एक एलिफेंट कैप का प्रादुर्भाव हुआ। आज इस कैम्प इन हाथियों के
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