पोषण भी, पढ़ाई भी : आंगनवाड़ी केंद्रों में समग्र विकास की नई दिशा
भोपाल बाल्यावस्था केवल खेल-कूद और मस्ती का समय नहीं है, बल्कि यह जीवन की आधारशिला रखने वाला महत्वपूर्ण दौर भी है। गर्भधारण से लेकर छह वर्ष की आयु तक का समय बच्चे के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद अहम होता है। विशेष रूप से पहले 1000 दिन, गर्भ के नौ महीने और जन्म के बाद के दो साल, बच्चे के भविष्य की नींव मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस दौरान सही पोषण के साथ-साथ संज्ञानात्मक विकास के अवसर भी उतने ही आवश्यक होते हैं। संयुक्त
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