“गढ़बो नवा छत्तीसगढ़” स्लोगन से लेकर “बोरे बासी” तक गाँव, गरीब मज़दूर और किसान के भूपेश…
सुरेश महापात्र। किसने सोचा था कि एक दिन ऐसा आएगा जब मज़दूर का वह भोजन पूरे छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनकर सोशल मीडिया में छा जाएगा? शायद आज से पहले किसी ने नहीं… किसने सोचा था गोवंश के गोबर से एक बड़ा वर्ग आय अर्जित करता दिख सकेगा? शायद किसी ने नहीं… Read moreदो बड़े घटनाक्रम और उनका जिक्र जरूरी तो है…किसने सोचा था नरवा, गरवा, घुरूवा और बाड़ी का नारा नई क्रांति के तौर पर अपनी पहचान बनाएगा? शायद किसी ने नहीं… यह स्थापित सत्य है कि छत्तीसगढ़ में
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