नक्सल समस्या के खात्मे के लिए बोली से भी लिया जाएगा काम… नव पदस्थ एसपी ने पत्रकारों से की सौजन्य मुलाकात…
कैम्प, थानों के विस्तार पर दिया जोर…
इम्पैक्ट डेस्क.
बीजापुर। नक्सलवाद एक विचारधारा है और नक्सली प्रोपेगंडा की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस मामले में उनका तंत्र बहुत मजबूत है, इसलिए पुलिस को भी समस्या का समाधान उन्हीं के तरीकों से निकालना होगा। यह बातें बीजापुर के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक अंजनेय वार्ष्णेय ने कही। पत्रकारों से सौजन्य भेंट कर रहे नवपदस्थ एसपी ने नक्सल समस्या के निदान पर कहा कि नक्सली ग्रामीणों को अपनी ढाल बनाते हैं, उन पर दबाव डालकर उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य किया जाता है। उनका मानना है कि समस्या का हल गोली से नहीं बल्कि बोली से निकलेगा।
एक ओर नक्सली अंदरूनी इलाकों में सुविधा मुहैया कराने की मांग करते हैं तो दूसरी ओर अस्पताल, स्कूल भवनों को ढहाते हैं। सुकमा के कई हिस्सों में नक्सलियों ने अस्पताल, स्कूल भवनों को उजाड़ दिया। इन हरकतों से षिक्षक-चिकित्सक वहां जाना नहीं चाहते । नक्सली जिस तरीके से सरकार -विकास कार्यों के विरोध में कुप्रचार कर रहे हैं, किसी भी सूरत में उस पर नकेल कसने की दरकार है।
अपनी प्राथमिकता का जिक्र करते एसपी ने कहा कि इलाके के विकास के लिए कैम्प, पुलिस थानों का विस्तार जरूरी है, उनका फोकस इन्हीं कामों पर होगा। साथ ही अंतरराज्जीय पुलिस से तालमेल बिठाकर काम हो रहा है, जिससे नक्सलियों की सप्लाई चैन को तोड़ा जा सके। सड़कों पर आदिवासियों के आंदोलन के सवाल पर उनका कहना था कि विरोध ग्रामीण नहीं बल्कि नक्सली कर रहे हैं। ग्रामीणांे पर विरोध के लिए दबाव बनाया जा रहा है। विरोध नक्सलियों द्वारा प्रायोजित है। निर्दोष ग्रामीणों की गिरफतारी पर एसपी का कहना था कि पुलिस किसी भी निर्दोष को नक्सली मामले में नहीं पकड़ती।
दैनिक स्कु्रटनी होती है, जिसमें किसी संदिग्ध के बारे में पूरी तहकीकात की जाती है, तब कही जाकर आरोप सिद्ध होने की स्थिति में उसे गिरफतार किया जाता है। उन्होंने मीडिया, आम नागरिकों से अपील करते कहा कि जिले में व्याप्त नक्सली समस्या के समाधान केलिए सभी सकारात्मक नजरिये से मिलकर काम करेंगे तो जिले का विकास तेजी से और नक्सलवाद की समस्या भी तेजी से कम होगी। खुद को गोंडी बोली का अल्प जानकार बता रहे एसपी ने कहा कि बोली एक बड़ा माध्यम है पुलिसिंग की मजबूती के लिए, इसलिए ग्रामीणों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार करने बोली को एक सशक्त हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इस दौरान एएसपी नक्सल ऑपरेषन अमित पाण्डेय, डीएसपी पुष्पेंद्र, डीएसपी सुदीप सरकार, डीएसपी तुलसी लेकाम, डीएसपी अशीष कुंजाम मौजूद थे।