हिंदुस्तान टाइम्स के लिए रितेश मिश्रा की रिपोर्ट. अप्रैल 2017 में बुरकापाल गांव के करीब हुए एक माओवादी हमले में बुरकापाल में सीआरपीएफ की 74 वीं बटालियन के 25 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद बुरकापाल गांव की तस्वीर ही बदल गई। सुकमा जिले के धुर नक्सल
Naxal
बीजापुर जिले में एक और जवान की हत्या की माओवादियों ने… 5 दिनों से लापता था जवान…
इम्पेक्ट न्यूज. बीजापुर। बीजापुर जिले के गंगालूर इलाके में माओवादियों ने एक और जवान की हत्या कर दी है। 5 दिन पहले मृतक जवान के अपहरण की सूचना आई थी। पांच दिनों बाद जवान की हत्या कर शव सड़क को फेंका गंगालूर-बीजापुर मार्ग पर फेंक दिया। मृत जवान का नाम
तो यह तय करना कठिन होगा कि उन्होंने न्याय किया या इन्होंने… इसलिए कृपया फर्जी मुठभेड़ों को न्याय मत मानिए…
सुरेश महापात्र। छत्तीसगढ़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की सैकड़ों कहानियों का सच किसी को अब तक पता नहीं। सैकड़ों माओवादियों की मौत मुठभेड़ के नाम दर्ज हैं। वहीं कई ऐसे मामले भी हैं जिनमें ना तो मुठभेड़ दर्ज किए गए और ना ही किसी पर आरोप तय
हत्या, आईडी ब्लास्ट के आरोपित तीन माओवादी गिरफ्तार
बीजापुर। थाना बासागुड़ा जिलाबल, सीआरपीएफ की ज्वाइंट टीम ने सर्चिग के दौरान कोरसागड़ा के जंगल से तीन माओवादियों को गिरफ्तार किया है । पूछताछ में अपना नाम सेमला गुण्डा, पदम रामा, पदम विज्जा पिता गुज्जू बताया। माओवादी संगठन में पिछले कई वर्षो से सक्रिय है। 5 मार्च को बासागुड़ा में
माओवाद से नाता तोड़ मुख्यधारा में लौटे दो माओवादी
बीजापुर। पांच लाख के इनामी माओवादी ने किया आत्मसमर्पण। आईजी सुन्दरराज पी,एसपी कमलोचन कश्यप और सीआरपीएफ डीआईजी कोमल सिंह के समक्ष किया आत्मसमर्पण। एरिया कमेटी मेंबर और जनताना सरकार अध्यक्ष पद में था माडकम देवा । माओवादी विचारधारा और जीवनशैली से त्रस्त होकर किया आत्मसमर्पण। नक्सल संघटन में रहते हुए