रेत उत्खनन…ठेकेदार की मनमानी… बिना फिटपास के दिया जा रही रेत…


इम्पेक्ट न्यूज़.सुकमा।

जिला मुख्यालय में जहां जिले के बड़े बड़े अधिकारी मौजूद है वहाँ रेत ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहे है जिसके कारण शासन को हररोज लाखो का नुकशान हो रहा है। यहाँ रेत ठेकेदार रेत ले जाने के एवज में फिटपास देना छोड़ कर साधारण कागज की रसीद दे रहे है। जिसके कारण शासन को लाखों का राजस्व नुकशान हो रहा है।

जिला मुख्यालय के पुसामीपारा स्थित शबरी नदी के किनारे पर रेत उत्खनन का कार्य किया जा रहा है। जिसकी निविदा आमंत्रित की गई थी और ठेकेदार ने निविदा क्रय कर रेत उत्खनन का कार्य कर रहा है। यहां प्रति क्यूपमीटर 174 रू. की निविदा हुई है जिसमें प्रति टेªक्टर 520 रू. लगभग फिटपास बनता है। लेकिन यहां पर रेत ठेकेदार की मनमानी चल रही है। स्थानीय के नाम पर अपनी जेब भरने में लगा हुआ है। यहां पर रेत ठेकेदार ट्रेक्टरों को 350 रू. में रेत ले जाने की अनुमति दे रहा है जिसके बदले में फिटपास के बजाय साधरण कागज की पर्ची दी जा रही है। जिसमें हाथ से दिनांक व पैसे लिखे जा रहे है। यह पिछले एक सप्ताह से चल रहा है।
सोमवार व रविवार को खादान में कुछ ट्रेक्टर लगे हुए थे। उन मजदूरों से बात की तो उन्होने बताया कि वो मलकानगिरी के है और यहां रेत लेने आए थे। रेत ले जाने के एवज में उन्हे फिटपास नहीं दिया जा रहा है बल्कि पैसे लेकर पर्ची दी जा रही है।

फोटो- ठेकेदार के द्वारा दी गई पर्ची।



शासन को हो रहा नुकशान
रेत खदानों का उत्खनन करने के लिए शासन ने निविदा आमंत्रित की गई थी ताकि राजस्व को बढ़ाया जा सके। लेकिन ठेकेदार शासन की मंशा पर पानी फैर रहे है। वो राजस्व के बजाय अपनी जेब भरने में लगे हुए है। फिटपास के बजाय अपनी पर्चीे थमा रहे है।

ठेकेदार ने लिए मात्र 3 बुक और यहां हर रोज कई ट्रेक्टर परिवहन
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ठेकेदार ने फिटपास बुक मात्र 3 ली है जिसमें एक बुक में 100 फिटपास होते है। और तीन बुक लिए एक सप्ताह से ज्यादा वक्त हो गया है। जबकि जिला मुख्यालय रेत खादान में हर रोज 100 से ज्यादा ट्रेक्टर रेत का परिवहन करते है। क्योंकि जिला मुख्यालय में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा हैं

इम्पेक्ट से चर्चा करते हुए कलेक्टर चंदन कुमार ने कहा कि सभी रेत खादानों की जांच की जाऐंगी। शासन को राजस्व का नुकशान न हो इसको लेकर प्रयास किया जाऐंगा। और किसी भी प्रकार की कोताई बर्दास्त नहीं की जाऐंगी।


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