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सत्ता की चाबी तलाशने साव-चंदेल का पहला दौरा… 50-50 पर अटकी बीजापुर सीट पर आज संगठन की जोर आज़माइश

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इम्पेक्ट न्यूज़। बीजापुर।

बस्तर में सत्ता की चाबी तलाशने पहुँचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव और नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल समेत प्रदेश महामंत्री बनाये गए पूर्व मंत्री केदार कश्यप आज शुक्रवार को बीजापुर प्रवास पर रहेंगे।

प्रदेश स्तर पर पार्टी संगठन में हुए बड़े बदलाव के बाद भाजपा प्रदेश नेतृत्व का यह पहला बीजापुर दौरा है, जिसे अगले साल होने वाले चुनाव के मद्देनजर अहम माना जा रहा है।

2018 विधानसभा चुनाव से पहले लगातार दो चुनाव में भाजपा ने बीजापुर सीट से जीत का स्वाद चखा था, लेकिन पिछले चुनाव में यह सीट कांग्रेस के पाले में चली गई, हालाँकि पिछले चुनाव में बस्तर से केवल एकमात्र दंतेवाड़ा सीट पर भाजपा को जीत जरूर मिली थी।

लेकिन विधायक भीमा मण्डावी की नक्सली हमले में मौत के बाद उपचुनाव में यह सीट भी काँग्रेस के पाले में चली गई, ऐसे में भाजपा को प्रदेश में वापसी के लिए बस्तर की अन्य सीटों के साथ बीजापुर में जीत दर्ज करना भी जरूरी है, चूंकि इस सीट पर भी भाजपा काबिज रही है।

ऐसे में प्रदेश नेतृत्व के इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि कुछ माह पूर्व डी पुरंदेश्वरी भी बीजापुर आ चुकी है, तब भाजपा में कांग्रेस से बगावत कर दर्जनों कांग्रेसी भाजपा में शामिल हुए थे,अब नए पार्टी अध्यक्ष के नेतृत्व में बीजापुर को लेकर नए सिरे से चुनावी मन्त्रणा की उम्मीद है।

हालांकि भाजपा के लिए आने वाले चुनाव में बीजापुर सीट पर फतह पाना आसान भी नही है। हार के बाद से पार्टी की जिला बॉडी जमीनी स्तर पर पकड़ बनाये रखने के मामले में कांग्रेस के मुकाबले कमजोर रही है, वर्तमान विधायक विक्रम मण्डावी का जमीनी जुड़ाव से कांग्रेस खेमा अब भी मजबूत है,।

लिहाजा नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा को वापसी के लिए नए सिरे से योजना बनाने के साथ मैदान पर उतरकर काम करना होगा।भाजपा प्रदेश संगठन ने जगदलपुर प्रवास के दौरान इसके संकेत भी दे दिए है।

बीजापुर सीट को संगठन ने 50-50 की टक्कर की श्रेणी में रखा है, हालाँकि आने वाले चुनाव में बीजापुर सीट से उम्मीदवार कौन होगा, यह साफ नही हो पाया है, लेकिन पूर्व मंत्री महेश गागड़ा की सक्रियता बरकरार है।