Articles By Name

Articles By NameBreaking NewsNazriyaState News

अमित शाह और छत्तीसगढ़…

– दिवाकर मुक्तिबोध। अमित शाह केन्द्र सरकार के ऐसे पहले गृह मंत्री हैं जो हर चार-पांच महीनों में छत्तीसगढ का फेरा लगाते हैं. उनके पहले केन्द्र में किसी भी राजनीतिक पार्टी की सरकार रही हो , किसी भी गृह मंत्री को इतनी फुर्सत नहीं मिलती थी कि वे छत्तीसगढ जैसे छोटे प्रदेश का दर्जनों बार दौरा करें. अभी हाल ही में बस्तर दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए अमित शाह रायपुर आए. यद्यपि भाजपा शासित एक छोटे विकासशील राज्य के प्रति गृह मंत्री का इतना प्रेम चकित करता है

Read More
Articles By Name

वेलकम बैक, रुचिर जी! The LENS की लॉंचिंग… रुचिर की वापसी पर दीपक की रौशनी…

दीपक पाचपोर। यह सचमुच दिलचस्प है कि रायपुर से शुक्रवार को प्रारम्भ हुए न्यूज़ वेबसाइट व यूट्यूब चैनल The LENS.in की लॉंचिंग से ज्यादा चर्चा रुचिर गर्ग की ‘घरवापसी’ की हो रही है। छत्तीसगढ़ के सबसे अच्छे पत्रकारों में से एक रुचिर इस राज्य की (अविभाजित मध्यप्रदेश सहित) सबसे समृद्ध पत्रकारीय परम्परा यानी ‘देशबन्धु स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म’ की देन हैं। लोकहित के लिये मजबूती से अपनी जनपक्षधारी कलम अड़ाने वाले रुचिर का व्यक्तित्व कुछ ऐसा है कि किसी अनजान व्यक्ति को उन्हें दूर से दिखाकर अंदाजा लगाने के लिये कहा

Read More
Articles By NameEditorialMudda

शांति वार्ता की पेशकश : बस्तर के नक्सली इतिहास में जब-जब दबाव बढ़ा तब-तब वार्ता की पहल हुई पर नतीजा सिफर रहा…

गणेश मिश्रा। प्रदेश ही नही बल्कि देश भर में शांति वार्ता को लेकर अब तक नक्सलियों की ओर से करीब 4 बार पर्चे के माध्यम से प्रस्ताव आ चुका है और उससे भी बड़ी बात की नक्सलियों के इन चारों प्रस्तावों का प्रदेश के गृहमंत्री व उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हर बार जवाब दे चुके हैं इस बार तो अंतिम प्रस्ताव पर गृहमंत्री ने यहां तक कह दिया कि नक्सली अपनी ओर से जब तक किसी को अपना प्रस्तावक बनाकर नही भेजते तब तक वार्ता कैसे सम्भव है? उन्होंने कहा

Read More
Articles By NameMoviesState News

इलहाम: प्रेम, संवेदना के सिरे खोलती कहानी… ध्रुव हर्ष द्वारा निर्देशित फिल्म होगी जागरण फिल्म फेस्टिवल रायपुर का हिस्सा…

बिकास के शर्मा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ‘महाभारत’ जैसे विषय पर अंग्रेज़ी में पीएचडी कर चुके एवं वर्तमान में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में पोस्ट-डॉक्टोरल अध्ययन कर रहे ध्रुव हर्ष मौजूदा समय के प्रतिभाशाली और संभावना वाले फिल्मकार हैं। उनकी पहली फीचर फिल्म ‘इलहाम’ का प्रदर्शन रायपुर में आयोजित जागरण फिल्म फेस्टिवल के दौरान 19 जनवरी दोपहर डेढ़ बजे सिटी सेंटर मॉल पंडरी में किया जाएगा। ‘इलहाम’ एक गरीब मुस्लिम बुनकर परिवार के एक छोटे बच्चे फ़ैज़ान और उसके बकरे जिसका नाम डोडू है, उसके बीच एक दिलचस्प बंधन को

Read More
Articles By NameD-Bastar DivisionExclusive StoryNaxal

बंदूक से गैजेट तक: स्मार्टफोन ने छत्तीसगढ़ में माओवादियों को रक्षात्मक स्थिति में डाल दिया है…

शिशिर रॉय चौधरी। रायपुर। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में बस्तर के घने माओवादी उग्रवाद प्रभावित जंगलों में स्मार्टफोन एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में उभरा है, जो क्षेत्र के युवाओं के जीवन को नया रूप दे रहा है और स्थानीय समुदायों पर माओवादी पकड़ को कमजोर कर रहा है। जहां ये डिवाइस उनकी आकांक्षाओं को बदल रही हैं, वहीं वे साथ ही माओवादी विद्रोहियों की परिचालन रणनीतियों को भी बाधित कर रही हैं। मोबाइल नेटवर्क के विस्तार से स्मार्ट फोन के प्रसार ने न केवल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाया है, बल्कि

Read More
Articles By NameEditorial

रायपुर दक्षिण उपचुनाव : रिकॉर्ड के लिए नहीं प्रतिष्ठा के लिए लड़ाई…

दिवाकर मुक्तिबोध। रायपुर लोकसभा की बहुचर्चित विधान सभा सीट रायपुर दक्षिण के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे 23 नवंबर को घोषित हो जाएंगे. यह सीट दोनों पार्टियों, कांग्रेस व भाजपा के लिए करो या मरो की स्थिति में नहीं है अलबत्ता प्रतिष्ठा की लड़ाई जरूर है. छत्तीसगढ में भारतीय जनता पार्टी मजबूत बहुमत के साथ सरकार में है इसलिए इस सीट को जीतने से उसकी राजनीतिक स्थिति पर विशेष फर्क नहीं पड़ेगा. विधान सभा में उसके विधायकों की संख्या में एक का इज़ाफा होगा लेकिन इससे अधिक महत्वपूर्ण घटना  सांसद

Read More
Articles By NameD-Bastar DivisionNazriya

नक्सलियों के सामने तन गए आदिवासी…

सुदीप ठाकुर। अबूझमाड़ के जंगलों में नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर चार अक्टूबर को हुई भीषण मुठभेड़ के बाद पुलिस ने 31 माओवादियों के मारे जाने का दावा किया। इसके कुछ दिनों बाद माओवादियों के प्रवक्ता ने कहा कि मुठभेड़ में 35 माओवादी मारे गए। बीते चार दशक में बस्तर में यह माओवादियों के खिलाफ सबसे बड़ी मुठभेड़ है। करीब 14 साल पहले 6 अप्रैल, 2010 को नक्सलियों के अब तक के सबसे बड़े हमले में सुरक्षाबलों के 76 जवान मारे गए थे। ये दो घटनाएं एक दूसरे

Read More
Articles By NameMuddaState News

बदल रही है छत्तीसगढ़ की राजनीति

दिवाकर मुक्तिबोध। छत्तीसगढ़ की राजनीति में पिछले कुछ समय से जो घटनाक्रम चल रहा है, वह इस बात का संकेत है कि प्रदेश की दो बड़ी राजनीतिक ताकतें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जोरदार युद्धाभ्यास कर रही हैं। उनकी तैयारियां बताती हैं कि तीन महीने बाद होने वाला पांचवां चुनाव यकीनन पिछले चार के मुकाबले अधिक संघर्षपूर्ण और दिलचस्प होगा।  2018 के चुनाव में कांग्रेस ने भारी भरकम विजय पायी थी। उसे अगले चुनाव में भी बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती है जिसका दबाव उस पर है। 90 सीटों की

Read More
Articles By NameMuddaState News

पीएम मोदी से पहले गृहमंत्री अमित शाह का रायपुर दौरा क्यों?

डा. अवधेश मिश्रा। रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, गौरीशंकर अग्रवाल, प्रेम प्रकाश पाण्डेय, सरोज पाण्डेय, अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर, विजय बघेल, केदार कश्यप, विक्रम उसेंडी, नारायण चंदेल, विष्णुदेव साय, विजय शर्मा, संतोष पाण्डेय, भईयालाल राजवाड़े, रेणुका सिंह…इनके अलावा और भी कुछ नाम हैं जो संभवतः छूट रहे हैं, मसला यह हैं कि यहां मौजूद नाम सिर्फ नाम है हां इन नामों की संख्या भाजपा के मौजूदा विधायकों की संख्या से कहीं ज्यादा है… खैर हम बात कर रहे हैं #पीएममोदी के दौरे से ठीक पहले केंद्रीय गृहमंत्री

Read More
Articles By NameCG breakingEditorialState News

केजरीवाल का “मिशन छत्तीसगढ़” दौरा और सूबे की सियासत में तीसरे दल की स्थिति…

डा. अवधेश मिश्रा। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से अलग होकर 26 नवंबर 2012 को देश की राजनीति में एक नई पार्टी का उदय हुआ जिसे आम आदमी पार्टी “आप” AamAadmiParty  नाम दिया गया। अरविंद केजरीवाल इसके सर्वेसर्वा बने। बाद में दिल्ली के सीएम, देश के 4036 विधानसभा सीटों में से 161 सीट जीतने वाली आप पार्टी को 10 अप्रैल 2023 को #ECI के द्वारा राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया गया, पहले #दिल्ली फिर #पंजाब में सरकार बनाने वाली आप पार्टी #गोवा और #गुजरात के बाद अब #छत्तीसगढ़ में स्थापित होने

Read More
Articles By NameEditorialState News

डिप्टी बनने क्यों राजी हुए सिंहदेव! …तब वे सत्ता संघर्ष में कमजोर पड़ गए थे…

राजनीतिक विश्लेषण। दिवाकर मुक्तिबोध। वायदे के अनुसार जिसे अब सिंहदेव मीडिया की हवा बताते हैं, उन्हें जून 2021 में मुख्यमंत्री बना दिया जाना था लेकिन उस दौर के सत्ता संघर्ष में सिंहदेव कमजोर पड़ गए… छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राजनीति में हाल ही में हुए बदलाव पर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने भले ही आलोचना की हो लेकिन मुद्दे की बात यह है कि वह पुनः हताशा की शिकार हो गई है। दरअसल कांग्रेस संगठन व सत्ता के बीच पिछले कुछ समय से जो अंदरूनी खींचतान चल रही थी, उसे देखते

Read More
Articles By NameMuddaState News

भाजपा की नयी कवायद पुराने हटेंगे नये आएंगे…

दिवाकर मुक्तिबोध। छत्तीसगढ़ विधानसभा के इसी वर्ष नवंबर में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के संदर्भ में काफी समय से यह चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी अधिकांश सीटों पर नये चेहरों को मौका देगी। विधानसभा में सीटों की कुल संख्या 90 है और वर्तमान में भाजपा के केवल 14 विधायक हैं। इन 14 विधायकों में हर किसी को पुन: टिकिट मिल ही जाएगी ,कहना मुश्किल है। यानी इनमें से भी कुछ का पत्ता कटने की संभावना है। शेष 86 सीटों में अधिकांशतः नये चेहरे होंगे अलबत्ता उन प्रत्याशियों पर पुनः दांव

Read More
Articles By Name

श्रम दिवस पर विशेष : श्रमिकों और किसानों का बढ़ा मान, बोरे बासी को मिली वैश्विक पहचान…

डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर, सहायक संचालक, रायपुर. खानपान और रहन सहन संस्कृति से जुड़ा मुद्दा है। छत्तीसगढ़ में कहावत है कि जैसे खाए अन्न वैसा होय मन। यह कहावत बिलकुल छत्तीसगढ़ में सही उतरती है। बोरे-बासी एक सरल और सहज भोजन है। वैसे ही छत्तीसगढ़ के लोग भी सीधे-साधे लोग हैं, इसलिए कहा जाता है कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सीधे साधे श्रमिकों और किसानों का मान बढ़ाने के लिए मजदूर दिवस के दिन लोगों से बोरे-बासी खाने की अपील की है। यह अपील लोगों

Read More
Articles By Namesafarnama

मिलना एक महान रचनाकार से…

एक मार्च को शैलेन्द्र नगर में विनोद जी के घर में उनसे मुलाकात हुई। उनका चेहरा देखा तो अनायास मुझे 60-62 वर्ष पूर्व के वे विनोद जी याद आ गए जिन्हें मैं राजनांदगांव के दिग्विजय कॉलेज परिसर के अपने मकान की विशाल खिड़की के पाटे पर बैठकर अपने घर की ओर पैदल आते देखा करता था। उन दिनों वे जबलपुर के कृषि महाविद्यालय के छात्र थे और जैसा कि उन्होंने अनेक बार अपने संस्मरणों में जिक्र किया है, वे नये-नये युवा कवि थे, कविताएं लिख रहे थे। छुट्टियों में जब

Read More
Articles By NameCultureState News

छत्तीसगढ़ के लोक तिहार: दान की महान संस्कृति का परिचायक ‘छेरछेरा’ मां शाकंभरी जयंती…

छेरछेरा पर विशेष। छेरछेरा पर्व पौष पूर्णिमा के दिन छत्तीसगढ़ में बड़े ही धूमधाम, हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसे छेरछेरा पुन्नी या छेरछेरा तिहार भी कहते हैं। इसे दान लेने-देने पर्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन दान करने से घरों में धन धान्य की कोई कमी नहीं रहती। इस दिन छत्तीसगढ़ में बच्चे और बड़े, सभी घर-घर जाकर अन्न का दान ग्रहण करते हैं। युवा डंडा नृत्य करते हैं। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए शासन द्वारा बीते चार

Read More
error: Content is protected !!