सुशील शर्मा. कांकेर।
इस नए स्वचालित ड्रोन की एक्यूरेसी छिड़काव से 30-35% कीटनाशक की बचत…
कोरोना वायरस से संक्रमित देश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए आईआईटी गुवाहाटी के छात्रों ने एक ऐसा ड्रोन विकसित किया है जो स्वचालित छिड़काव करने वाले यंत्र से सुसज्जित है। यह अन्य किसी भी प्रकार के ड्रोन से अधिक सक्षम है। इसके आविष्कारक छात्र समूह का दावा है कि कोरोनावायरस से लड़ने हेतु इस ड्रोन से अधिक से अधिक क्षेत्र में कम से कम समय में छिड़काव किया जा सकता है।
जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है। स्वचालित होने के कारण ज्यादा सुरक्षित भी है। असम व उत्तराखंड सरकार तक इस नए आधुनिकतम ड्रोन के संबंध में जानकारी तथा प्रस्ताव प्रेषित की गई है। छात्र समूह को विश्वास है कि देश की अन्य राज्य सरकारें भी अपने क्षेत्र में कृषि कार्य अथवा कोरोनावायरस विरोधी स्प्रे हेतु इस नवीनतम, आधुनिकतम ड्रोन में रूचि लेंगी।
आविष्कारक समूह की ओर से उनके इंजीनियर तारिक सईद खान ने कहा है कि एक ही उड़ान में यह नया ड्रोन 1.2 हेक्टेयर भूमि पर छिड़काव कर सकता है जोकि वर्तमान में उपलब्ध किसी भी अन्य ड्रोन से काफी ज्यादा है। सईद ने बताया कि हमने अप्रैल 2020 तक ड्रोन को विभिन्न योजनाओं में प्रयोग करने की योजना बनाई थी। देशव्यापी लॉक डाउन के कारण योजना में कुछ व्यवधान आ गया है।
अतः बाजार में हमारे द्वारा निर्मित ड्रोन रेसर फ्लाई कंपनी के नाम से बाजार में प्रस्तुत करने की कोशिश है। अति उत्तम, कार्यशील, तेज रफ्तार, त्रूटि रहित और पूर्णरूपेण स्वचालित है। हमारी कंपनी की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू रेसर फ्लाई डॉट कॉम है।
तारिक सईद खान ने यह भी जानकारी दी कि हमारे नवीनतम ड्रोन की कार्य सीमा अधिक अवधि तक टिकाऊ है और इसमें एक वर्ष की वारंटी भी देंगे। हमारे द्वारा निर्मित यह ड्रोन न्यूनतम 5 वर्षों तक निर्बाध काम करने की क्षमता है। ड्रोन सेल्फ मूवमेंट तकनोलॉजी से सुसज्जित होने के कारण संभावित त्रुटियों को स्वयं सुधारने में सक्षम है।
यह ड्रोन जब उड़ान भरता है तब कुछ ऐसे स्थान जहां छिड़कने में कठिनाई आती है, वहां इसकी सेल्फ तकनीक त्रुटियों को कम से कम करती है और अन्य किसी भी ड्रोन की अपेक्षा यह अधिकतम क्षेत्र में न्यूनतम समय में स्प्रे कर सकता है। क्योंकि यह रियल टाइम काइना मैटिक तकनीक द्वारा निर्मित है।
तारिक सईद खान ने यह भी सूचित किया कि हमारे द्वारा निर्मित ड्रोन से कृषि कार्य हेतु कीटनाशक का छिड़काव न्यूनतम खर्च पर किया जा सकता है और ड्रोन को उड़ान के समय एक ही व्यक्ति द्वारा कंप्यूटर अथवा ट्रांसमीटर के द्वारा संचालित किया जा सकता है।