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इंपेक्ट डेस्क.

बस्तर में एंटी नक्सल ऑपरेशन को तेज करने पर राज्य और केंद्र सरकार के द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है, यही वजह है कि कुछ दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार ने बस्तर संभाग का दौरा किया था. इसके बाद आज प्रदेश के डीजीपी अशोक जुनेजा अपने एक दिवसीय प्रवास पर नक्सल प्रभावित जिला दंतेवाड़ा पहुंचे. डीजीपी बनने के बाद अशोक जुनेजा का यह पहला बस्तर दौरा है.

डीजीपी अशोक जुनेजा ने दंतेवाड़ा में बस्तर पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बस्तर में तैनात सीआरपीएफ के अधिकारियों की बैठक ली. इस बैठक में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान पर चर्चा की गई. साथ ही नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन को तेज करने और नक्सलियो के गढ़ में ज्यादा से ज्यादा पुलिस कैंप स्थापित करने के निर्देश दिए , इसके अलावा नक्सल प्रभावित इलाको में चले रहे विकास कार्यों को सुरक्षाबलों की निगरानी में रखकर पूरा करने के निर्देश दिए. बेहतर तालमेल से नक्सल ऑपरेशन चलाया जाए डीजीपी अशोक जुनेजा ने बैठक में कहा कि नक्सलियों के सप्लाई चेन को तोड़ने पर संभाग के सीमावर्ती इलाकों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि, नक्सली बंद के दौरान सुरक्षाबल, ग्रामीण और विकास कार्यों में लगे वाहनों को किसी तरह का ना पहुचाएं इस पर विशेष फोकस करना है. डीजीपी ने कहा कि बस्तर के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा नक्सलियों को सरेंडर करने की अपील की जाए और जिला पुलिस बल व CRPF के जवानों के बीच बेहतर तालमेल से नक्सल ऑपरेशन चलाया जाए. बस्तर फाइटर्स भर्ती की ली जानकारी इसके अलावा उन्होंने बस्तर फाइटर भर्ती प्रक्रिया की भी जानकारी ली, डीजीपी ने कहा कि स्थानीय युवाओं को पुलिस में शामिल करने के लिए प्रेरित करने के साथ ही उनसे बिना भय के बस्तर फाइटर में शामिल होने की अपील की जाए.