विष्णु के सुशासन का दो वर्षीय सफर – विकास, शांति और पारदर्शिता की नई इबारत…
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सुरेश महापात्र।
छत्तीसगढ़ के लिए दिसंबर का महीना हमेशा खास रहा है। 1 नवंबर 2000 को राज्य के गठन के साथ ही यह महीना नई शुरुआत का प्रतीक बन गया। लेकिन 2023 के दिसंबर में एक और ऐतिहासिक मोड़ आया, जब भाजपा ने विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज की और विष्णुदेव साय चौथे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कीं।
आदिवासी समाज से आने वाले साय ने अपने दो वर्षीय कार्यकाल में न केवल राज्य को नक्सलवाद की जकड़न से मुक्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए, बल्कि आर्थिक विकास और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की मजबूत नींव भी रखी। आज, जब साय सरकार अपने दो वर्ष पूरे कर रही है, तो राज्य न केवल शांतिपूर्ण हो रहा है, बल्कि ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के सपने की ओर तेजी से अग्रसर भी है।
विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2023-24 में 11.2% की वृद्धि के साथ 5.09 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 2024-25 में 7.5% की अनुमानित वृद्धि के साथ और मजबूत होगा।
नई औद्योगिक नीति (नवंबर 2023) के लॉन्च के बाद मात्र छह महीनों में 4.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जबकि कुल 8 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव राज्य को आकर्षित कर चुके हैं।
इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर यूनिट और लिथियम ब्लॉक नीलामी (देश का पहला) जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।कृषि क्षेत्र में ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत 2023-24 में 24.75 लाख किसानों से 14.492 लाख मीट्रिक टन धान ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया।
2025-26 के बजट में कृषि को 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया, जिसमें गन्ना किसानों को बोनस, तेंदू पत्ता संग्राहकों को ₹5,500 की प्रोत्साहन राशि और 200 श्रिंप फार्म स्थापना शामिल है। डेयरी क्षेत्र में ‘बनास डेयरी’ मॉडल पर आधारित विकास और पर्यटन में होमस्टे पॉलिसी तथा बस्तर मैराथन जैसी पहलें आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा दे रही हैं।नया रायपुर को आईटी हब बनाने के प्रयासों में ‘एमेडिसिटी’ और ‘एड्यूसिटी’ (100 एकड़) की स्थापना हो रही है।
बजट 2025-26 में महिलाओं और बाल विकास को 6,800 करोड़, स्वास्थ्य को 3,900 करोड़ और शिक्षा को 450 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ये आंकड़े न केवल राज्य की प्रगति दर्शाते हैं, बल्कि साय सरकार की ‘3टी मॉडल’ (टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रांसफॉर्मेशन) की सफलता को प्रमाणित करते हैं।
नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास का सबसे बड़ा रोड़ा था, लेकिन साय सरकार ने ‘बोली का जवाब बोली से, गोली का जवाब गोली से’ की नीति अपनाते हुए इसे जड़ से उखाड़ फेंका। 2023 में सत्ता संभालने के बाद मात्र एक वर्ष में 380 नक्सलियों का सफाया किया गया, जबकि कुल 2,619 नक्सली गिरफ्तार, आत्मसमर्पण या मारे गए।
2024 में एलडब्ल्यूई हिंसा की घटनाएं 305 से घटकर 267 रह गईं, और 2025 तक सबसे अधिक प्रभावित जिले 6 से घटकर 3 (बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर) रह गए।
‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत 96 नक्सल प्रभावित गांवों में सड़कें, पुल, स्कूल, अस्पताल और इंटरनेट पहुंचाया गया। 37 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए, और 2,100 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
‘सरेंडर एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी 2025’ के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को भूमि, आवास और कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य साकार होने को है।
बस्तर, जो कभी नक्सल का गढ़ था, अब विकास का प्रतीक बन रहा है। ‘बस्तर ओलंपिक’ में 4 लाख युवाओं की भागीदारी और ‘धुधमरस गांव’ को यूएन का ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज’ पुरस्कार मिलना इसका प्रमाण है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चित्रकोट जलप्रपात और इको-टूरिज्म कॉरिडोर विकसित हो रहे हैं।
पूर्व कांग्रेस सरकार के समय हुए घोटालों पर साय सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। ₹3,200 करोड़ के शराब घोटाले में 22 आबकारी अधिकारियों (आईएएस और आईएफएस सहित) को निलंबित किया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और एसीबी-ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज कर जांच तेज की। ‘ई-ऑफिस सिस्टम’ लागू कर फाइलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई, जिससे भ्रष्टाचार की जड़ें कट गईं।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को सराहा।
दुर्ग डिवीजन में एंटी-करप्शन ब्यूरो का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किया गया। इन कदमों से राजस्व संग्रह में वृद्धि हुई, और निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
साय सरकार की योजनाएं राज्य की राजनीति में गहन चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत महिलाओं को मासिक ₹1,000, ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ में 18 लाख परिवारों को घर, और ‘रामलला दर्शन योजना’ जनता के बीच लोकप्रिय हैं।
विष्णु के सुशासन की योजनाएं न केवल राज्य की प्रगति का आईना हैं, बल्कि आगामी चुनावों में राजनीतिक विमर्श का केंद्र भी। विपक्ष कांग्रेस ने 2025 में 104-पृष्ठीय ‘चार्जशीट’ जारी कर आलोचना की, लेकिन सरकार के आंकड़े विकास की कहानी बयां करते हैं।
विष्णुदेव साय का कार्यकाल शांत, दृढ़ और परिणामोन्मुखी रहा। जहां नक्सलवाद 80 प्रतिशत तक समाप्त हो चुका है, वहीं आर्थिक प्रगति और भ्रष्टाचार पर कसे शिकंजे ने राज्य को आत्मनिर्भर बनाया।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राज्य गठन के सपने को साकार करते हुए साय सरकार ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में कदम बढ़ा रही है। दिसंबर 2025 में, जब राज्य दो वर्षीय शासन का उत्सव मना रहा है, तो यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ अब न केवल सुरक्षित, बल्कि समृद्ध और समावेशी भी हो रहा है। मुख्यमंत्री के तौर पर विष्णुदेव साय की यह यात्रा न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा है।
