Friday, January 23, 2026
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District Beejapur

विकास चाहती है क्षेत्र की जनता : भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ की जाएगी कार्यवाही…
बूरजी मामले पर आईजी ने कहा- नक्सलियों के इशारे पर ग्रामीणों को उकसा रहे है असामाजिक तत्व…

इंपैक्ट डेस्क.

बीजापुर। बुरजी में आंदोलनरत ग्रामीणों द्वारा पुलिस जवानों पर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप लगाने के बाद सोमवार को बस्तर आईजीपी सुंदर राज ने इस पूरे मामले और आरोपों का खंडन करते हुए एक प्रेस नोट जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा कि गंगालूर थाना क्षेत्र के ग्राम बुरजी एवं पुसनार के बीच माओवादियों के दबाव में विगत कई दिनों से गंगालूर-मिरतुर मार्ग अवरुद्ध कर कुछ व्यक्तियों द्वारा सड़क निर्माण नही करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है।

पुलिस के पास विभिन्न सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र की जनता बहुप्रतीक्षित गंगालूर-मिरतुर सड़क निर्माण हेतु सहमति एवं सहयोग प्रदान करना चाह रही थी, लेकिन माओवादियों के इशारे पर कुछ व्यक्तियों द्वारा इस कार्य में बाधा उत्पन्न किया जाकर जनता को डरा-धमकाकर विरोध प्रदर्शन में शामिल किया जा रहा है।
इस दौरान दक्षिण बस्तर के जिला बीजापुर एवं दंतेवाड़ा के सीमावर्ती क्षेत्र में विगत 03 दिनों से संचालित किये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस एवं माओवादियों के बीच दो बार मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के पश्चात नक्सल डेरा से बीजीएल सेल, नक्सल दस्तावेज, विस्फोटक एवं अन्य सामग्री बरामद की गई। जिला बीजापुर एवं दंतेवाड़ा के संयुक्त अभियान में दोनों जिला के डीआरजी,एसटीएफ,सीआरपीएफ कोबरा एवं दंतेश्वरी महिला कमाण्डो बल ने माओवादियों के हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया। मुठभेड़ में कुछ माओवादियों के घायल होने की संभावना को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग जारी है। उल्लेखनीय है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा जनता को गुमराह करने तथा सुरक्षा बल को बदनाम करने के उद्देश्य से बुरजी प्रदर्शन स्थल में पुलिस द्वारा मारपीट करने का झूठा प्रचार किया जा रहा है, जो बिल्कुल निराधार एवं असत्य है। वास्तविकता यह है कि क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के पश्चात वापसी के दौरान सुरक्षा बल द्वारा प्रदर्शनकारियों को मार्ग अवरुद्ध करने पर बीमार व्यक्तियों का ईलाज एवं ग्रामीणों के आवागमन में हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए मार्ग को अवरुद्ध न करने की समझाईश दी गयी। तत्पश्चात कई ग्रामीण सहमत होकर वापस अपने गांव जाने लगे, लेकिन नक्सल विचारधारा से प्रभावित कुछ व्यक्तियों द्वारा बौखलाहट में आकर दिग्भ्रमित एवं झूठा प्रचार किया जा रहा है।
बस्तर आईजी सुन्दरराज पी.ने बताया कि क्षेत्र की जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखने हेतु माओवादियों के इशारे पर भ्रम फैलाने वाले व्यक्तियों को शिनाख्त कर उनके विरूद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही की जावेगी।

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