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ऑपरेशन गरुड़: बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान, पांच नक्सली ढेर… हिडमा समेत टॉप लीडर घेरे में…

इम्पेक्ट न्यूज़। रायपुर/बीजापुर, 24 अप्रैल 2025।

छत्तीसगढ़-तेलंगाना-महाराष्ट्र सीमा पर बीजापुर जिले के घने जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन गरुड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। 22 अप्रैल 2025 को शुरू हुए इस अभियान में अब तक पांच नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। करीब 7,000 सुरक्षाकर्मियों ने बीजापुर के चलंगाटा, चित्रकंडा, और सरदार बॉर्डर क्षेत्र की पहाड़ियों को घेर लिया है, जहाँ शीर्ष नक्सली नेताओं के छिपे होने की खबर है।

अभियान का विवरण
ऑपरेशन गरुड़ को केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर शुरू किया गया है, जिसका लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है। यह अभियान बीजापुर के करेंगट्टा, नडपल्ली, और पुजारी कांकेर क्षेत्रों में केंद्रित है। सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया है ताकि नक्सलियों को भागने का मौका न मिले।

इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस, CRPF, कोबरा, DRG, STF, बस्तर फाइटर्स, महाराष्ट्र की C60 कमांडो, और आंध्र प्रदेश की ग्रेहाउंड्स फोर्स शामिल हैं। वायुसेना के हेलिकॉप्टर निगरानी और लॉजिस्टिक्स में सहायता प्रदान कर रहे हैं।

मुठभेड़ और उपलब्धियाँ
22 अप्रैल को शुरू हुए अभियान के दौरान करेंगट्टा पहाड़ी और नडपल्ली क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच नक्सली मारे गए। मुठभेड़ स्थल से AK-47 राइफलें, अंडर-बैरल ग्रेनेड लांचर, और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, करीब 300 नक्सली, जिनमें हिड़मा, देवा, और दामोदर जैसे शीर्ष नेता शामिल हैं, इस घेरे में फंसे हैं।

रणनीति और तकनीक
सुरक्षाबल ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, और रियल-टाइम इंटेलिजेंस का उपयोग कर नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। स्थानीय आदिवासी समुदाय और पुलिस की खुफिया इकाइयों से मिली जानकारी ने इस अभियान को मजबूती दी है। चार राज्यों की संयुक्त कार्रवाई और उच्च तकनीक का उपयोग इस ऑपरेशन को अब तक का सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान बनाता है।

आगामी संभावनाएँ
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगले 4-5 दिनों में इस अभियान से और बड़ी सफलता मिल सकती है। यदि शीर्ष नक्सली नेता मारे गए या पकड़े गए, तो यह नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जीत होगी। ऑपरेशन की गोपनीयता के कारण विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

सरकारी प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन की सराहना करते हुए कहा, “हमारी सुरक्षा एजेंसियाँ नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह अभियान हमारी इस प्रतिबद्धता का हिस्सा है।” छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की बहादुरी को सलाम किया और कहा कि राज्य सरकार इस अभियान को पूर्ण समर्थन दे रही है।

चुनौतियाँ
बीजापुर का घना जंगल और पहाड़ी इलाका सुरक्षाबलों के लिए चुनौतीपूर्ण है। नक्सलियों की गुरिल्ला रणनीति और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी इस अभियान की बड़ी चुनौतियाँ हैं

ऑपरेशन गरुड़ नक्सलवाद के खिलाफ भारत का अब तक का सबसे बड़ा अभियान है। पांच नक्सलियों की मौत और शीर्ष नेताओं के घेरे में होने से यह ऑपरेशन नक्सलियों की सैन्य ताकत और मनोबल को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में इस अभियान से और बड़ी सफलता की उम्मीद की जा रही है।

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