Saturday, January 24, 2026
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ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आई, कीमत में और कमी के संकेत

नई दिल्ली
 कच्चे तेल की कीमत में कमी आई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। यह अक्टूबर के बाद पहली बार हुआ है जब तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। विदेशी बाजारों में कमजोर मांग को देखते हुए कच्चे तेल की कीमत में कमी आई है। अभी कई संकेत और ऐसे मिल रहे हैं जिनसे पता चलता है कि कच्चे तेल की कीमत में और कमी आ सकती है। इससे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत भी गिर सकती है।

बुधवार को तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही। ब्रेंट क्रूड वायदा 0.3 फीसदी गिरकर 70.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.9 फीसदी गिरकर 67.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुताबिक कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से भारत की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को फायदा हो सकता है।

और कम हो सकती है कच्चे तेल की कीमत

दुनियाभर में ऐसे कई संकेत मिल रहे हैं जिनके चलते आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमत और कम हो सकती है। तीन मुख्य संकेत इस प्रकार हैं:

1. रूस पर लगे बैन में ढील

इस समय अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने पर लगा है। ऐसे में अमेरिका ने रूस पर जो बैन लगाए हैं, उनमें वह कुछ ढील दे सकता है। अमेरिका ने विदेश और वित्त मंत्रालयों से उन बैन की लिस्ट तैयार करने को कहा है जिनमें रूस को ढील दी जा सकती है। ऐसा होने पर रूस की ओर से तेल की सप्लाई बढ़ सकती है। ऐसे में तेल की कीमत में कमी आ सकती है।

2. OPEC+ ने बढ़ाया प्रोडक्शन

OPEC+ ने अपने तेल प्रोडक्शन बढ़ाने का फैसला लिया है। रॉयटर्स की एक खबर के मुताबिक OPEC+ ने अप्रैल में तेल प्रोडक्शन को 138,000 बैरल प्रतिदिन बढ़ाने का फैसला किया है। ऑयल प्रोडक्शन में यह वृद्धि साल 2022 के बाद पहली बार हो रही है। OPEC+ ग्रुप का कहना है कि यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ओपेक और सऊदी अरब पर कीमतें कम करने के लिए दबाव बढ़ाने के बाद उठाया गया है।

3. ट्रंप के टैरिफ का भी पड़ेगा असर

डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको से आयातित उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। जानकारों के मुताबिक ये टैरिफ ग्लोबल इकोनॉमिक एक्टिविटी और फ्यूल डिमांड को प्रभावित कर सकते हैं। इसके चलते तेल की कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है। यानी इसकी कीमत कम हो सकती है।

क्या कम होगी पेट्रोल-डीजल की कीमत?

कच्चे तेल की कीमत कम होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय तेल कंपनियां भी इस बारे में कुछ निर्णय ले सकती हैं। चूंकि अभी कच्चे तेल की कीमत कम हो चुकी है और आने वाले समय में इसमें और गिरावट के संकेत हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत में भी कमी आ सकती है। हो सकता है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत में बड़ी गिरावट आए। अगर ऐसा होता है तो इससे देश में महंगाई पर भी कुछ काबू पाया जा सकता है।

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