Saturday, January 24, 2026
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राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव को बीजेपी ने बनाया ओडिशा का ऑब्ज़र्वर, जल्द होगा सीएम के नाम पर फैसला

नई दिल्ली

ओडिशा में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. भाजपा ने 147 विधानसभा सीटों वाले राज्य में 78 सीटें जीती थीं. अब मंथन इस बात पर चल रहा है कि सूबे में सीएम पद की शपथ कौन लेगा. इसे लेकर बीजेपी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव को ऑब्ज़र्वर बनाकर ओडिशा भेजा है. पार्टी ने एक बयान में कहा कि उसके संसदीय बोर्ड ने बैठक की निगरानी के लिए राजनाथ सिंह और यादव को चुना है, जो कि राज्य में हुए विधानसभा चुनावों में सक्रिय रूप से शामिल थे.

बता दें कि शनिवार को ओडिशा बीजेपी अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा था कि मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा.  ​​सामल ने कहा कि वह ओडिशा भाजपा के अध्यक्ष के रूप में शपथ ग्रहण समारोह की व्यवस्था करने में सभी के साथ समन्वय कर रहे हैं. भाजपा नेता ने दावा किया कि उनके संसदीय दल ने अभी तक ओडिशा के अगले मुख्यमंत्री का चयन नहीं किया है. उन्होंने कहा कि दो दिन और इंतजार करें और आपको नए मुख्यमंत्री पर पार्टी के निर्णय के बारे में सूचित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्र में बीजेपी के अत्यधिक अनुभवी नेता हैं और वे राज्य के हित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेंगे.

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं, इस पर सामल ने कहा कि मैं सीएम पद की रेस में नहीं हूं… मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, मैं बस उसे पूरा कर रहा हूं. बता दें कि विधानसभा चुनाव में सामल चांदबली सीट से हार गए थे.

वहीं, ओडिशा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 12 जून को होगा. बीजेपी नेता जतिन मोहंती और विजयपाल सिंह तोमर ने इसकी पुष्टि की. मोहंती ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धताओं के कारण इसे स्थगित किया गया है. नवनिर्वाचित सदस्यों की पहली विधायक दल की बैठक अब 11 जून को निर्धारित की गई है. सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ भाजपा नेता और नवनिर्वाचित विधायक सुरेश पुजारी नई दिल्ली पहुंचे, जिससे अटकलें लगाई जाने लगीं कि वे सीएम पद की रेस में हैं. 2019 के चुनावों में बरगढ़ से लोकसभा चुनाव जीते पुजारी ने हाल ही में ब्रजराजनगर विधानसभा सीट से चुनाव जीता था. उनके समर्थकों का मानना ​​है कि उन्हें केंद्रीय नेताओं के साथ चर्चा के लिए नई दिल्ली बुलाया गया था.

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