BIG BREAKING : व्यावसायिक शिक्षक भर्ती पर रोक… शिकायत के बाद ज्वाइनिंग पर लगी थी रोक… एमडी ने ना परीक्षा ना परीक्षण एक सप्ताह में ज्वाइनिंग के लिए आदेश दिया था…
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इम्पेक्ट न्यूज़। रायपुर।
राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ ने व्यावसायिक शिक्षक भर्ती पर रोक लगा दी है. व्यवसायिक शिक्षक भर्ती में घोटाला उजागर होने के बाद जांच कमेटी गठित की गई. जांच पूरी होने के बाद अब भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है. शिक्षक भर्ती के इस खेल में बीस करोड़ की वसूली की आशंका है।
डीके कौशिक प्रभारी प्रबंधक संचालक समग्र शिक्षा ने बताया कि व्यावसायिक शिक्षक भर्ती पर रोक लगा दी गई है. व्यवसायिक प्रशिक्षकों को कार्यभार ग्रहण नहीं कराए जाने का निर्देश सभी छह कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जारी कर दिया गया है. आईसेक्ट लिमिटेड भोपाल, Indus private limited मुंबई, learning skill limited new delhi, gram tarnag training सर्विसेस private limited, skill tree limited मुंबई, nitcon Chandigarh को व्यावसायिक ट्रेनिंग प्रोवाइडर द्वारा नियुक्त प्रशिक्षकों के ज्वाइनिंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं.
जानिए क्या है आरोप
पीड़ित विद्यार्थियों, NSUI, नर्सिंग यूनियन का आरोप है कि ठेका कंपनियों ने सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षक (VT) की भर्ती को बाजार बना दिया है. 2-3 लाख रुपये की मोटी रकम देकर कोई भी हेल्थकेयर, IT, प्लंबर या ब्यूटी एंड वेलनेस जैसे ट्रेड्स में शिक्षक बन सकता है. पीड़ितों का दावा है कि 1500 से ज्यादा पदों के लिए रेट कार्ड सेट था. पैसा लेकर नौकरी दी गई है. नियम-कायदे ताक पर रखे गए और यहां तक कि ‘कोरोना योद्धाओं’ के लिए 10% बोनस अंक का सरकारी आदेश भी कागज का टुकड़ा बनकर रह गया.
शिकायतकर्ताओं ने कहा कि जांच कमेटी को 48 घंटे में रिपोर्ट सौंप दिया, लेकिन जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किया गया।
तीन सदस्यीय जांच कमेटी के अध्यक्ष डी. के. कौशिक ने कहा, प्राथमिक तौर पर जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट सौंप दी गई है. समग्र शिक्षा मिशन से मिली जानकारी के मुताबिक व्यवसायिक शिक्षक भर्ती करने वाले सभी ठेका 06 कम्पनियों द्वारा नवनियुक्त व्यवसायिक शिक्षकों को आगामी आदेश पर्यंत विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण पर रोक लगा दी गई है.
मजेदार बात यह है कि इस फर्जी भर्ती का खेल बीते नवंबर 2024 से शुरू कर दिया गया। तब से ही पूरा सिंडिकेट सक्रिय होकर वसूली करके शिक्षक नियुक्ति को लेकर सक्रिय था। इस खेल में वो दो कंपनियाँ भी शामिल हैं जिन पर पिछले सत्र में ज्यादा भुगतान को लेकर जांच की गई थी। तीन कंपनियों के बिल प्रोसेस के बीच बदले गए और एक कंपनी ने ज्यादा भुगतान किए जाने को लेकर जब पत्र लिखा तब यह बात सामने आई।
समग्र शिक्षा एक बड़ा अड्डा बन चुका है जहां से भारी पैमाने में पैसे का खेल चलता है। यदि इसी मामले को ले लें तो साफ समझ आ जाएगा कि घोटाले की बुनियाद दफ़्तर से शुरू हुई और करीब 20 करोड़ की वसूली हुई। जांच रिपोर्ट में यह तथ्य शामिल है कि वसूली की गई है पर ज़िम्मेदारी किसकी है यह बताने से बचने की कोशिश की जा रही है।
