Friday, January 23, 2026
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जनजातीय समाज की रीति-रिवाजों, परंपराओं और वाचिक काव्य व कथा पाठ परंपरा के संरक्षण की कवायद…

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इम्पेक्ट न्यूज़। दंतेवाड़ा।

छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज की रीति-रिवाजों, परंपराओं और वाचिक काव्य व कथा पाठ परंपरा के संरक्षण की कवायद शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में राजधानी रायपुर में होने वाली राज्य स्तरीय कार्यशाला के लिए जिलों में आदिम जाति अनुसंधान व प्रशिक्षण संस्थान द्वारा सभी जिलों में कैंप लगाकर ऐसे कलाकारों व वाचिक परंपरा के संवाहकों का चयन किया जा रहा है।

सोमवार को जिला पंचायत दंतेवाड़ा में संस्थान ने तैयारी व चयन के सिलसिले में जिला पंचायत सभागार में कैंप लगाया, जिसमें वाचिक परंपरा की विधा के क्षेत्रों, जाति व समुदाय की उत्पत्ति संबंधी वाचिक कथाएं, लोक कहानियां, पूर्वज व ईष्ट देवी-देवताओं की स्तुति, जीवन संस्कार संबंधी वाचिक परंपराएं, मान्यताएं, विश्वास, समुदाय के गोत्र चिह्न व उनसे संबंधित निषेधों के संबंध में मान्यताएं व विश्वास, समुदाय में प्रचलित लोकोक्ति व मुहावरे, लोकगीत व उनका अभिप्राय व भावार्थ, विशेष तीज-त्यौहार से संबंधित मौखिक विश्वास व समुदाय में महत्व, मंडई-मेला व उनका धार्मिक महत्व वाचिक परंपरा के रूप में, समुदाय में प्रचलित विशिष्ट परंपराओं की वाचिक व मौखिक परंपरा, महत्व व उनकी वर्तमान में प्रासंगिकता जैसे आधारों पर लोक कलाकारों व ऐसी विभूतियों के चयन पर विचार किया गया।

इस मौके पर ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट केंद्र जगदलपुर के सहायक अनुसंधान अधिकारी डॉ राजेंद्र सिंह ने बताया कि जन जातियों की वाचिक परम्परा के संरक्षण, संवर्धन व अभिलेखीकरण के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला रायपुर में आयोजित होगी। आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर द्वारा यह आयोजन किया जा रहा है।

इसके लिए प्रत्येक जिले में कैम्प लगाकर जनजातीय वाचिक परंपरा के जानकार, कथा वाचक या साहित्य का ज्ञान रखने वाले आदिवासी व्यक्तियों की पहचान कर कलाकारों की सूची तैयार की जा रही है। इस मौके पर आदिम जाति अनुसंधान केंद्र जगदलपुर के उप संचालक डॉ रूपेंद्र कवि, आदिम जाति अनुसंधान केंद्र रायपुर के सहायक अनुसंधान अधिकारी शरद चंद्र शुक्ला, मंडल संयोजक बलराम ध्रुव, विभिन्न समाजों से प्रतिनिधि व जानकार के तौर पर महादेव नेताम, मासा कुंजाम, दिनेश नेताम, बचनु भोगामी, आर एन साय, किशोर मंडावी, दादा जोकाल, बुधराम कोवासी,लखमा राम तर्मा, त्रिपुरारी मंडावी, शैलेन्द्र ठाकुर, मंगल सिंह बघेल, बीएन उइके उपस्थित थे

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